करनाल। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया सहयोग और पूछताछ केंद्र अक्सर बंद मिलता है। ट्रेन के आगमन और प्रस्थान की जानकारी लेने के लिए यात्रियों को भटकना पड़ता है।
रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन सैकड़ों यात्री विभिन्न ट्रेनों से सफर करते हैं। कई बार ट्रेनें विलंब से चलती हैं या प्लेटफॉर्म बदल जाता है। ऐसे में पूछताछ केंद्र की भूमिका अहम हो जाती है। लेकिन केंद्र बंद होने की स्थिति में यात्रियों को या तो अन्य यात्रियों से पूछताछ करनी पड़ती है या मोबाइल फोन पर जानकारी खोजनी पड़ती है। जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा नहीं है वे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
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यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड तो लगे हैं लेकिन कई बार उनमें जानकारी अपडेट नहीं होती या स्पष्ट दिखाई नहीं देती। ऐसे में सहयोग केंद्र ही एकमात्र भरोसेमंद माध्यम होता है। दिल्ली की ओर जाने वाले यात्री हरीश ने बताया कि हम दिल्ली जाने वाली ट्रेन के समय की जानकारी लेने पहुंचे लेकिन खिड़की बंद मिली। काफी देर तक कोई कर्मचारी नजर नहीं आया।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अजय माइकल ने बताया कि स्टेशन पर सहयोग केंद्र बना हुआ है और किसी न किसी कर्मचारी की ड्यूटी हर वक़्त रहती है। यदि कोई कर्मचारी नहीं है तो इसकी जांच कराई जाएगी।