माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अगर आप मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर से इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यूं ही किसी भी ओपन वाईफाई का इस्तेमाल न करें। इससे आपका डिवाइस हैक हो सकता है।
इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए आपको वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का ही प्रयोग करना है। इंटरनेट का उपयोग कर बैंकिंग सेवाओं के लिए आपको अपने डिवाइस में साइबर सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए एंटी वायरस को जरूर इंस्टॉल करना चाहिए। एक अच्छा एंटी वायरस आपको मैलवेयर और डाटा सिक्योरिटी के खतरे से बचाने का काम करता है। दूसरा आपकी ईमेल या मोबाइल में आने वाले स्पैम मैसेज को खोलने से बचें। आप केवल एक सुरक्षित नेटवर्क से जुड़कर सावधानी और सजगता बरतकर साइबर हमले अथवा अपराध की गिरफ्त में आने से बच सकते हैं।
साइबर अपराधी कमजोर सिस्टम पर हमला करने और उस पर नियंत्रण के लिए मैलिसस कोड का सहारा लेते हैं। साइबर सिक्योरिटी पर हमले कई प्रकार से किए जा सकते हैं। इसके लिए मैलवेयर, फिशिंग अटैक, डिनायल ऑफ सर्विस, मेन इन द मिडिल के माध्यम से किया जा सकता है।
इसको सिस्टम को हैक करने, क्रिप्टो करेंसी के रूप में पैसे की मांग के लिए या फिर डार्क वेब पर डेटा बेचने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह के हमले में संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण जानकारी जो उपयोगकर्ता की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, उसे बिना किसी वेबसाइट या यूजर्स की जानकारी के हाईजैक किया जा सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान: साइबर हमले से बचने के लिए आवश्यक है कि उपभोक्ता, फोरम, वेबसाइट पर अपनी संवेदनशील जानकारी ईमेल आईडी, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड की जानकारी साझा न करें। अपना पासवर्ड मजबूत रखें।
कोई भी लिंक क्लिक करने से पहले देखें कि वह वेबसाइट ठीक है या नहीं। सिस्टम की सुरक्षा के लिए अपने सिस्टम को अपडेट करते रहें और भरोसेमंद सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें। ध्यान रखें कि बैंक कभी भी आपसे एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी, यूपीआई, ओटीपी तथा पिन आदि की मांग नहीं करता है।