- जिले में लगभग 1.09 लाख मीट्रिक टन गेहूं की हुई आवक, 55 हजार की खरीद
- 4058 मीट्रिक टन सरसों सरकारी एजेंसियों ने खरीदा
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अनाज मंडियों में गेहूं की दोगुनी आवक हो चुकी है, लेकिन खरीद धीमी चल रही है। अब मौसम का बदलता रुख किसानों को डराने लगा है। शुक्रवार को जिले में करीब 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई। जिससे कुल आवक एक लाख मीट्रिक टन का आंकड़ा पार कर गई, लेकिन खरीद केवल आधे गेहूं की ही हो सकी। वीरवार शाम को बारिश के बाद शुक्रवार शाम को उमड़े बादल और अंधड़ ने किसानों को डराने का काम किया। मंडी से लेकर खेतों में भी किसान गेहूं की पकी फसल को लेकर चिंतित दिखे। मंडी में पड़ी फसल को तिरपाल से ढकने लगे। जबकि गेहूं में खड़ी पकी फसल को अंधड़ से नुकसान हुआ है।
हालांकि इन सबके बीच राहत ये है कि अब मंडी में फसल के ढेर नहीं लगेंगे। किसानों को फसल मंडी में उतारने के लिए जगह की कमी नहीं होगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से गेहूं उठान का काम शुरू करा दिया गया है। विभाग अधिकारियों ने ट्रांसपोर्ट ठेकेदारों के साथ रेटों पर सहमति कर ली है। जिससे गेहूं उठान का काम शुरू करा दिया गया है।
सरकार की ओर से एक अप्रैल से गेहूं की खरीद की घोषणा के बाद मंडी में गेहूं आना तो शुरू हो गया था, लेकिन खरीद आठ अप्रैल से शुरू हुई। खरीद के बाद उठान नहीं हो सका। दूसरी ओर वीरवार को हुई बारिश ने गेहूं में नमी ला दी। इसकी वजह से अन्नदाताओं को परेशानी झेलनी पड़ी।
जिले की 19 अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों पर शुक्रवार तक 1.09 लाख मीट्रिक टन गेहूं में से खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से 42765 मीट्रिक टन और हैफेड की ओर से 12985 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। दूसरी ओर अनाज मंडी घरौंडा, असंध व इंद्री में सरसों की निरंतर खरीद की जा रही है। डीएफएससी अनिल कुमार ने बताया कि अब तक सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड व हरियाणा वेयर हाउसिंग की ओर से 4058 मीट्रिक टन सरसों की खरीद की गई है। सरकार द्वारा सरसों का 5950 रुपये प्रति क्विंटल सरकारी रेट निर्धारित किया गया है। कोई भी किसान मंडी में आकर फसल टोकन कटवाकर बेच सकता है। घरौंडा अनाज मंडी में 2625 मीट्रिक टन सरसों की खरीद हरियाणा वेयर हाउसिंग द्वारा की गई। इसी प्रकार इंद्री अनाज मंडी में 810 मीट्रिक टन सरसों और असंध अनाज मंडी में 623 मीट्रिक टन सरसों की खरीद हैफेड की ओर से की गई है।
गेहूं उठान के टेंडर की सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एजेंसिंयों को वर्क ऑर्डर देकर काम शुरू करा दिया गया है। अब गेहूं उठान का काम सुचारू चलेगा। जिससे किसानों को परेशानी नहीं होगी। किसानों से अपील है कि वे अपने क्रम अनुसार ही मंडी में आएं ताकि समय पर उनकी फसल की खरीद हो सके।
- अनिल कुमार, डीएफएससी, करनाल