संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। बुजुर्गों के भरण-पोषण व व्यक्तिगत विवादों के समाधान के लिए घरौंडा प्रशासन ने सीनियर सिटीजन वेलफेयर ट्रिब्यूनल का गठन किया है। इससे बुजुर्ग अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बच सकेंगे। यह विशेष ट्रिब्यूनल हर मंगलवार को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक घरौंडा एसडीएम कार्यालय में सुनवाई करेगा।
एसडीएम राजेश सोनी ने बताया कि यह ट्रिब्यूनल विशेष रूप से उन बुजुर्गों की सहायता करेगा, जिनके बेटे, बहू या रिश्तेदार उनका भरण-पोषण करने से मना कर रहे हैं। ट्रिब्यूनल को सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां दी गई हैं ताकि वे गवाह बुलवाने, दस्तावेज मांगने और शपथ पर बयान दर्ज कराने के अधिकार का प्रयोग कर सकें। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की सलाह भी ली जाएगी, ताकि हर मामला निष्पक्ष रूप से हल हो सके।
उन्होंने बताया कि अगर संतान या रिश्तेदार भरण-पोषण से इंकार करते हैं, तो ट्रिब्यूनल आदेश जारी करके उन्हें मासिक भत्ता देने के लिए बाध्य करेगा। यह भत्ता राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सीमा तक अधिकतम 10 हजार रुपए प्रतिमाह दिया जाएगा। इससे बुजुर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होगी और वे निर्भरता से बच सकेंगे।
सीनियर सिटीजन ट्रिब्यूनल में एसडीएम राजेश सोनी अध्यक्ष होंगे, जबकि एडवोकेट साहिल सिंगला लीगल एडवाइजर और सीमा शर्मा सोशल वर्कर सदस्य के रूप शामिल किए गए हैं। तीनों सदस्य मिलकर बुजुर्गों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे।
एसडीएम राजेश सोनी ने बुजुर्गों से आग्रह किया है कि वे बिना संकोच इस सुविधा का लाभ उठाएं। अब यदि कोई बेटा या बहू अपने बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा कर रहा है तो वे सीधे एसडीएम कार्यालय में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। प्रशासन का मानना है कि यह पहल बुजुर्गों के लिए सुरक्षा, सम्मान व त्वरित न्याय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।