माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। छठ पर्व की खुशियों के बीच दो घरों में उस वक्त मातम पसर गया, जब पूजन के बाद स्नान करने के लिए पश्चिमी यमुना नहर में उतरे दो श्रद्धालु डूब गए। बिहार के अलग-अलग जिलों के रहने वाले दोनों श्रद्धालुओं में एक राजमिस्त्री तो दूसरा ढाबे पर नौकरी करता है। दोनों के डूबने के करीब दो घंटे बाद परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना दी।
नहर किनारे उनके कपड़े भी पड़े हुए मिले। गोताखोरों की टीम ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू कर दिया था, लेकिन देर शाम तक दोनों का कोई सुराग नहीं लगा। इधर, पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर फिलहाल गुमशुदगी का मामला दर्ज किया है।
छठ पर्व के चलते उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए अन्य श्रद्धालुओं की तरह मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर और वर्तमान में उचाना निवासी 35 वर्षीय दुखन सैनी और बिहार के खगड़िया निवासी वर्तमान में राजीव पुरम में रहने वाले 38 वर्षीय राज मिस्त्री वशिष्ठ शर्मा भी पश्चिमी यमुना नहर पर पहुंचे थे। सूर्य मंदिर के सामने घाट पर परिवार के साथ पूजा अर्चना के बाद वे नहाने के लिए नहर में उतर गए, लेकिन वापस नहीं आए।
एक किनारे से लगा रहे थे छलांग
परिजनों ने उन्हें नहर में दूर तक जाते देखा, लेकिन बाद में वे दिखाई नहीं दिए। मौके पर उपस्थित लोगों ने यह भी बताया कि वे दोनों नहर के एक किनारे से छलांग लगाकर नहाते हुए दूसरे किनारे पर पहुंच रहे थे। लेकिन तैरते समय वे दूसरे किनारे पर पहुंचने से पहले ही डूब गए। विवेचना अधिकारी धर्मवीर ने बताया कि गोताखोरों की मदद से सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
भाई बोला, हमें लगा दुखन स्नान करके घर चला गया
दुखन साहनी के भाई मनोज ने बताया कि उनके भाई ने सुबह छह बजे स्नान शुरू किया था। जो दूर चला गया। कुछ दूर के बाद वापस नहीं लौट सका। भीड़ होने के कारण हमें लगा कि वह घर चला गया होगा। लेकिन घर भी नहीं पहुंचा। दुखन झिलमिल ढाबा पर काम करता है। उसके तीन बच्चे हैं।