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Karnal News: एंबुलेंस के लिए भटके तीमारदार, झेलीं दिक्कतें

Sat, 03 Aug 2024 06:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिलेभर में सबसे अधिक एंबुलेंस सेवा प्रभावित है। एंबुलेंस कंट्रोल रूम में रोजाना 24 घंटे के अंतराल में 200 कॉल एंबुलेंस की मदद के लिए आ रही हैं। इनमें से मात्र 50-55 मरीजों को ही सरकारी एंबुलेंस की सुविधा स्वास्थ्य विभाग मुहैया करवा पा रहा है। ऐसे में अधिकतर मरीज निजी वाहनों से और निजी एंबुलेंसों के मदद से अस्पतालों में आ-जा रहे हैं। फिलहाल हरियाणा रोजगार कौशल निगम के तहत लगे चालक एंबुलेंस में सेवाएं दे रहे है।

एनएचएम कर्मचारी साझा मोर्चा के तहत जिलेभर के 676 एनएचएम कर्मचारी पिछले आठ दिनों से हड़ताल पर है। शुक्रवार को हड़ताल के आठवें दिन सिविल सर्जन कार्यालय के परिसर में हवन किया। एनएचएम कर्मचारियों ने आहुतियां डाली। एनएचएम कर्मियों की हड़ताल को एनएचएम कर्मचारी साझा मोर्चा ने चार दिन और आगे बढ़ा दिया है। अब हड़ताल छह अगस्त तक चलेगी। पदाधिकारियों का कहना है कि अगर सरकार ने मांगें नहीं मानी तो चार-चार दिन करके हड़ताल को आगे बढ़ाया जाता रहेगा।
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जिला करनाल के एंबुलेंस कार्यालय में कुल 37 ईएमटी यानी इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन हैं। सभी एनएचएम में कार्यरत हैं। वहीं एनएचएम की हड़ताल के चलते सभी ईएमटी हड़ताल पर हैं। ऐसे में बिना ईएमटी के कौशल रोजगार निगम के तहत लगे अकेले चालक ही मरीज को एंबुलेंस से अस्पताल और अस्पताल से घर तक छोड़कर आ रहे हैं। ऐसे में बिना ईएमटी के किसी मरीज को एंबुलेंस में अस्पताल तक सुरक्षित लाना और अस्पताल से घर तक छोड़कर आना एक मरीज की जान जोखिम में डालना है।

चालक को सौंपा एंबुलेंस कंट्रोलर का पद ः एंबुलेंस कंट्रोलर हड़ताल में शामिल है। ऐसे में विभाग ने एक चालक को ही एंबुलेंस कंट्रोलर कर पद दे दिया है। वहीं फ्लीट मैनेजर भी एनएचएम के होने के कारण हड़ताल में शामिल है।
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ये होता है ईएमटी ः इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) आपातकालीन स्थितियों में बीमार या घायल लोगों को चिकित्सा देखभाल देने के लिए प्रशिक्षित होते हैं। ईएमटी रास्ते में बीमार या घायल रोगियों को आपातकालीन जीवन रक्षक सहायता देते हैं। इसमें घावों या खरोंचों का उपचार करना और उन पर पट्टियां बांधना, ऑक्सीजन देना, इंजेक्शन लगाना, दुर्घटना के समय पीड़ितों को स्थिर करना, उठाना, आपातकालीन चिकित्सा वाहन का संचालन करना, एंबुलेंस का निरीक्षण करना होता है।

जिले में एंबुलेंस, चालक व ईएमटी का ब्योरा

g जिले में जिले में 29 एंबुलेंस है। इनमें से 10 ही चल रही है।

g जिले के एंबुलेंस विभाग में 37 ईएमटी कार्यरत है। जो सभी एनएचएम में है।

g जिले में 63 चालक तैनात है। इनमें 29 एनएचएम और 34 एचकेआरएन में शामिल है।

g हड़ताल पर 37 ईएमटी और 29 एंबुलेंस चालक हड़ताल पर हैं।
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