करनाल। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण किसानों के खेत में सोना बसरेगा। इससे एक ओर जहां किसानों के चेहरे पर खुशी है, वहीं दूसरी ओर वैज्ञानिकों ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अनुसार, किसानों फसल के प्रति पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि अगर बारिश के बाद पानी खेत में खड़ा रहा तो फसल को नुकसान हो सकता है। इस वजह बंपर फसल होने की संभावना पर पानी फिरने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। बुधवार को रात भर में हुई झमाझम बारिश के बाद किसानों के चेहरों पर खासी खुशी है।
किसान क्लबों में शामिल ईलम सिंह, राजकुमार भार्गव समेत अन्य किसानों के अनुसार, बारिश होने के कारण लोगों को बिजली और पानी दोनों की आवश्यकता नहीं हो रही है। हड़ताल के दौरान बिजली और पानी की सप्लाई बाधित होने के कारण किसानों की परेशानी झेलनी पड़ती, लेकिन कुदरत ने मेहरबान होकर किसानों की मुश्किल से बचा लिया। जनवरी महीने में ही करीब 40 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी है, जो किसानों के हित में बेहद फायदेमंद है।
धूप से राहत, बादल छाने से तापमान बढ़ा
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार रात को ही 28.6 एमएम बारिश हुई है। आसमान में बादल होने के कारण अधिकतम तापमान बढ़कर 18.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान बढ़कर 9.0 डिग्री हो गया है। मौसम में नमी सुबह के समय 100 प्रतिशत और शाम के समय 72 प्रतिशत रिकार्ड की गई।
वाष्प दाब सुबह के समय 9.2 एमएम तथा शाम के समय 11.7 एमएम दर्ज किया गया। पहाड़ों से मैदानी इलाकों की ओर साढे़ चार किलामीटर की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं के झोंकों को दिन भर निकली धूप ने बेअसर कर दिया।