सरसों की फसल और सब्जियों को भारी नुकसान, आज भी कोहरा और बारिश की संभावना
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एक बार फिर मौसम ने अपना मिजाज बदल लिया। वीरवार को दिनभर बादल छाए रहे। जिलेभर में हल्की बारिश हुई, वहीं इंद्री क्षेत्र में ओलावृष्टि से सरसों, सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी एक दिसंबर को भी ऐसा ही मौसम बने रहने के आसार हैं। सुबह कोहरा छा सकता है। कहीं-कहीं बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी गेहूं या गन्ने की फसल को कोई खास नहीं नुकसान नहीं है। बारिश से सभी फसलों को फायदा है, लेकिन ओलावृष्टि आदि से सरसों, सब्जियों को जरूर नुकसान हो सकता है।
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल के जिला कृषि विज्ञान केंद्र स्थित मौसम शाखा के वैज्ञानिकों के अनुसार एक नए पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के आंशिक प्रभाव के कारण मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। बुधवार व वीरवार को सुबह कोहरा छाया रहा। इसी तरह शुक्रवार को भी कोहरा छाने की प्रबल संभावना है। कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद तापमान में भी गिरावट की संभावना बन रही है। वीरवार को दिनभर आसमान पर बादलों का घेरा रहा। करनाल शहर में तो बूंदाबांदी ही हुई, लेकिन आसपास के कस्बों व ग्रामीण इलाकों में हल्की बारिश हुई, जो छह से 10 एमएम तक रही। वहीं, इंद्री ब्लाॅक क्षेत्र के करीब दर्जनभर से अधिक गांवों के क्षेत्र में दोपहर करीब ढाई बजे बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई है। जिससे सरसों का फूल गिर जाने व सब्जियों में भारी नुकसान की आशंका है।
हल्की बारिश से सभी फसलों को फायदा
गेहूं या गन्ना की फसल को इस बारिश से कोई नुकसान होने की आशंका नहीं है। इस समय गेहूं पर हल्की ओलावृष्टि का भी कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यदि वह टूट भी गया तो पौधा दोबारा अपनी गति पकड़ लेगा। इस बारिश से गेहूं, गन्ना सहित सभी फसलों का फायदा है, लेकिन सरसों का समय फूलों का है, इसलिए ओलावृष्टि से सरसों व सब्जियों को जरूर नुकसान पहुंच सकता है।
- डॉ. अनुज कुमार, प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल