हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा बुधवार को तीन अध्यादेशों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों-आढ़तियों के समर्थन में उतर आए। उन्होंने करनाल अनाज मंडी पहुंचकर किसानों व आढ़तियों का दर्द सुना। उन्होंने कहा कि किसान व आढ़तियों से सीधे तौर पर जुड़ी अनाज मंडियों को बर्बाद करने वाले अध्यादेशों को हरियाणा में लागू नहीं होने दिया जाएगा।
अनाज मंडी में सबसे पहले पूर्व सीएम किसानों के बीच गए। इसके बाद मंडी शेड में पहुंचे। यहां हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी ने कहा कि सरकार ने लस्टर लॉस व ब्याज की कटौती की है, वह धन आढ़तियों को वापस किया जाना चाहिए, तीन अध्यादेशों को हर दशा में वापस कराया जाना चाहिए।
इसके बाद प्रेस कांफ्रेस में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ मजबूती के साथ खड़ी है। किसी भी हालत में मंडियों को बंद नहीं होने दिया जाएगा। पिपली रैली में किसानों पर लाठी चार्ज गलत हुआ है। इतिहास गवाह है, जिसने किसानों पर लाठियां चलाई हैं, वह सरकारें नहीं रही हैं। किसानों को स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार यानी लागत में पचास प्रतिशत मुनाफा जोड़कर फसल का भाव मिलना चाहिए। कोरोना काल के बाद बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। पीटीआई शिक्षकों के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सरकार आएगी तो उन्हें बहाल किया जाएगा। इस दौरान पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, पूर्व विधायक नरेंद्र सांगवान, जिला संयोजक त्रिलोचन सिंह, भीम सिंह मेहता, कृष्ण सचदेवा, राज कुमार सिंगला आदि कई आढ़ती व किसानों के अलावा कांग्रेसी मौजूद रहे।
चौथा अध्यादेश लाकर फसलों को एमएसपी रेट पर फसल बिक्री सुनिश्चित करे सरकार
सरकार तीन अध्यादेश लाई हैं तो एक चौधा अध्यादेश और लाए, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मंडी बाहर या अंदर कहीं भी किसानों की फसल एमएसपी रेट से कम पर नहीं बिकेगी। अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में तेल सस्ता हो रहा है लेकिन देश के अंदर तेल महंगा हो रहा है। उस पर लगातार टैक्स लगाया जा रहा है। पिपली में लाठी चार्ज हुआ, पीएम या सीएम इस पर नहीं बोल रहे हैं। जबकि इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
-भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा