संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी के कारण इंद्री क्षेत्र के यमुना नदी से सटे नबियाबाद, जपती छपरा, सैयद छपरा,मूसेपुर, समसपुर, कलसौरा, नगली, डेरा हलवाना व गढ़पुर टापू गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इन गांवों के बाहर के खेतों में यमुना का पानी घुस गया है। हालांकि प्रशासन की तरफ से गांववासियों को आश्वस्त किया गया है कि बैराज से छोड़ा गया पानी सामान्य है और पानी आगे की ओर निकल जाएगा।
कलसौरा से आगे यमुना नदी के पास बने रेत के स्टोर हाउस की ओर से बनाए गए तटबंध टूट चुके हैं और पानी तेजी से स्टोर हाउस से होता हुआ गांव की ओर जा रहा है। स्टोर हाउस के पास चाय की दुकान चला रहे गांव गढ़ीबीरबल निवासी प्रीतम ने बताया कि यमुना का पानी उनकी दुकान में घुस गया है। इस कारण उनके पास दुकान का सामान उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। वहीं इंद्री बांध क्षेत्र के खेतों में पानी आने से किसानों की फसल भी बर्बाद हो गई है।
किसानों का कहना है कि न तो सरकार की ओर से अभी तक करनाल में क्षति-पूर्ति पोर्टल चलाया गया है और न ही किसानों की बर्बाद फसल का आकलन ही किया जा रहा है। उनकी मांग है कि बाढ़ संभावित क्षेत्र में साठी धान लगाने की अनुमति दी जाए ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान न हो।
कई ग्रामीण पानी में बहकर आ रही लकड़ियों को निकालने के लिए जान जोखिम में डाल रहे हैं। इनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। इंद्री एसडीएम अशोक मुंजाल ने बताया कि बैराज से छोड़े गए पानी की सूचना के बाद प्रशासन अलर्ट है। अभी स्थिति सामान्य है, बाढ़ से बचाव लिए तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। उन्होंने यमुना क्षेत्र के लोगों से अपील कि है कि वह यमुना नदी की ओर नहीं जाएं।
126.... पानी में डूबी दुकान से सामान निकालता दुकानदार प्रीतम। संवाद