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Karnal News: खेतों से नहीं उतरा पानी, हजारों एकड़ फसल जलमग्न

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तीन दिन से जारी बारिश में रादौर के अधिकतर गांवों में जलभराव हो गया है। हालांकि सोमवार को गत दो दिन के मुकाबले कम बारिश हुई, इसके बाद भी गांवों में हजारों एकड़ फसले कई फीट तक जलमग्न हैं। जहां किसान अपने स्तर पर डूबी फसलों को बचाने के लिए संघर्ष करते दिखे। बता दें कि करीब 40 वर्षों में रादौर क्षेत्र में सबसे अधिक 246 एमएम रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है। इससे खासकर धान की फसल को नुकसान होना तय है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। उनकी मानें तो एक-दो दिन तक पानी की निकासी नहीं हुई तो धान की फसल बर्बाद हो सकती है। गांव धौलरा के पूर्व सरपंच संजू शर्मा, दलबीर सिंह, जसबीर सिंह, प्रदीप, संजू सांगवान, जयसिंह ने बताया कि गांव में लगभग 500 एकड़ में धान की फसल तीन दिनों से पानी में डूबी हुई है। फसल बचाने के लिए किसान सोमवार को पूरा दिन खेतों से पानी निकासी करने में व्यस्त रहे। लेकिन प्रशासन का अधिकारी व कर्मचारी मदद के लिए नहीं पहुंचा। जिससे किसानों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है।
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गांव बापा में बारिश के दौरान एक मकान की छत ढह गई। इससे अंदर रखा सामान खराब हो गया। गनीमत रही कि इस दौरान किसी को चोट नहीं आईं। महिला कौशल्य ने बताया कि बारिश में छत गिरने से घर में रखा खाने-पीने का राशन व अन्य सामान नष्ट हो गया है। इससे उसका काफी नुकसान हुआ है।

रादौर विधायक डॉ. बीएल सैनी ने बारिश के बाद जलभराव से प्रभावित गांव काबुलपुर, अंटावा, हड़तान, सिकंदरा, टोपरा कलां व अन्य गांवों का दौरा किया। डॉ. बीएल सैनी ने कहा कि तीन दिन से बारिश में रादौर विधानसभा क्षेत्र के हर गांव में फसले जलमग्न हैं। इसके लिए सरकार व प्रशासन जिम्मेदार है। क्योंकि मानसून को देखते हुए नदी-नालों व सड़क की पुलिया के पास खड़ी जंगली घास की सफाई होनी चाहिए थी, पर ऐसा नहीं हुआ। इसका खामियाजा क्षेत्र के हजारों किसान भुगत रहे हैं। जिनकी मेहनत व लागत से तैयार धान व अन्य फसले बर्बाद होने की कगार पर हैं। प्रशासन से मांग है कि हर गांव में बारिश के पानी की जल्द निकासी कराई जाए। जिससे किसानों की फसले बर्बाद होने से बचें। जिन ग्रामीणों के मकानों की छते ढह गई हैं, उनको सरकार उन ग्रामीणों को छत की मरम्मत कराने के लिए स्कीम के तहत राशि देने का काम करे।
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- तीन दिन से बारिश में छोटाबांस में बीडीपीओ कार्यालय के सामने स्थित बड़ा जोहड़ 50 वर्षों में पहली बार ओवरफ्लो हुआ है। छोटाबांस के मंगतराम, कुलदीप, मंजीत, ऋषिपाल, रोमी ने बताया कि आमतौर पर छोटाबांस में बना जोहड़ खाली रहता है, लेकिन तीन दिन की बारिश से दस एकड़ में फैला जोहड़ ओवरफ्लो हो चुका है। इस कारण जोहड़ से काफी ऊंचाई पर स्थित पशु अस्पताल के पीछे बनी गुरु रविदास जी महाराज कॉलोनी के कई घरों में कई फीट पानी घुस गया है।
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