माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सीबीएसई की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले कर्णनगरी के होनहारों का आईएएस अफसर, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए व बिजनेसमैन बनने का सपना है। इसके लिए उन्होंने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने 12वीं की परीक्षा में जमकर पढ़ाई की और अपने स्कूल में बेहतर रहे। साथ ही कर्णनगरी का नाम भी रोशन किया। ज्यादातर विद्यार्थियों ने सेल्फ स्टडी के बल पर यह मुकाम पाया है। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया को हथियार बनाया। बेटियों का प्रदर्शन बेटों से शानदार रहा है।
लवप्रीत : 99 प्रतिशत, वाणिज्य
अंक : अकाउंटेंसी और बिजनेस में 100, पेंटिंग और अर्थशास्त्र में 99, फिजिकल में 97
लक्ष्य : सीए बनना है। उसके लिए फाउंडेशन कोर्स की तैयारी कर रही हैं। दिल्ली से पढ़ाई करेंगी।
योजना : मैक्स इंटरनेशनल स्कूल असंध की छात्रा एवं किसान शेर सिंह की इस बेटी ने सेल्फ स्टडी की। सामान्य दिनों में छह से सात और परीक्षा के दिनों आठ घंटे से ज्यादा पढ़ाई की।
ध्वनि : 99 प्रतिशत, मेडिकल
अंक : फिजिकल एजूकेशन और केमिस्ट्री 100, बायो और फिजिक्स में 99, अंग्रेजी में 97
लक्ष्य : नीट दिया है, एमबीबीएस डॉक्टर बनना चाहती है। परिवार से पहली डॉक्टर बनेंगी। एम्स में दाखिला लेंगी।
योजना : दयाल सिंह स्कूल की इस छात्रा ने सेल्फ स्टडी पर ज्यादा ध्यान दिया। रोजाना समयसारिणी बनाकर पढ़ाई की। पिता नवनीत मिगलानी एचडीएफसी बैंक में स्टेट हेड प्रशासक हैं और मां सोनिया मिगलानी टीचर हैं।
वैभव : 97.8 प्रतिशत, नॉन मेडिकल
अंक : कैमिस्ट्री 100, कंप्यूटर साइंस 99, गणित में 99, अंग्रेजी में 96, फिजिक्स में 95
लक्ष्य : कंप्यूटर इंजीनियर बनना है। आईआईटी की तैयारी कर रहे हैं।
योजना : दयाल सिंह स्कूल से पढ़ाई की। रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई की। कोई कोचिंग नहीं ली। स्कूल के बाद घर आकर पढ़े। पिता राजीव शर्मा फाइनेंस कंपनी में जोनल मैनेजर हैं।
रुहानी : 97.8 प्रतिशत, कला संकाय
अंक : कंप्यूटर और फिजिकल एजूकेशन में 99, अंग्रेजी और अर्थशास्त्र में 98, गणित 95
लक्ष्य : खुद का बिजनेस करना है। लॉकडाउन में सड़क किनारे फड़ी लगाने वालों की मदद के लिए काम किया।
योजना : सेक्टर-7 दयाल सिंह स्कूल से पढ़ी। लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार की। यू-ट्यूब से पढ़ाई में मदद मिली। सेल्फ स्टडी ज्यादा की। परिवार का सहयोग मिला। पिता सतीश कुमार तनेजा का गोवा में होटल है और मां रितू तनेजा शिक्षिका हैं।
मीरा अरोड़ा : 97.2 प्रतिशत, ह्यमैनिटिज
अंक : इतिहास में 100, अर्थशास्त्र और राजनीति में 97, म्यूजिक में 96
लक्ष्य : आईएएस अफसर बनना, लक्ष्य तय है, इसलिए सोशल साइंस, राजनीतिक शास्त्र आदि विषय लिए। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक करेंगी।
योजना : एचएसआईआईडीसी के प्रधान मनोज अरोड़ा की बेटी एवं कान्वेंट स्कूल की इस छात्रा ने कोचिंग नहीं ली, सेल्फ स्टडी की। कोरोना संक्रमित भी हो गई थी।
द्वारकाधीश : 98 प्रतिशत, मेडिकल
लक्ष्य : एमबीबीएस डॉक्टर बनना और नीट पास करके एम्स में दाखिला लेना है।
योजना : रोजाना आठ से 10 घंटे पढ़ाई की। पढ़ाई के लिए इंटरनेट की मदद ली। अपनी सफलता का श्रेण गुरु वैद्य देवेन्द्र बतरा और अभिभावकों को दिया। पिता पवन अरोड़ा और मां मीनाक्षी भी डॉक्टर हैं। तरावड़ी में अपना अस्पताल है।
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कक्षा 10वीं की छात्राएं
माही सैनी : 98.8 प्रतिशत
लक्ष्य : डॉक्टर बनना है। ताकि मानवता की सेवा कर सकें।
योजना : प्रताप पब्लिक स्कूल जरनैली कॉलोनी की इस छात्रा ने रोजाना सात घंटे पढ़ाई की। सभी विषयों को बराबर समय दिया।
खुशी शर्मा : 95 प्रतिशत
लक्ष्य : आईआईटी करके इंजीनियर बनना है। ताकि देश के लिए नई तकनीक इजाद कर सकें।
योजना : अरडाना गांव की रहने वाली एवं कान्वेंट स्कूल की छात्रा खुशी ने रोजाना सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई की।