विजिलेंस की टीम ने नगर निगम कार्यालय में छापा मारकर दो घूसखोर
कर्मचारियों को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया
है।
पकड़े गए कर्मचारियों में क्लर्क हरि प्रकाश व ड्राइवर राज कुमार है।
विजिलेंस की छापे की कार्रवाई के बाद नगर निगम में कर्मचारियों और
अधिकारियों में हड़कंप मचा है।
कार्रवाई के दौरान जिला मजिस्ट्रेट के तौर
पर निसिंग के नायब तहसीलदार सूरजभान रहे। विजिलेंस इंस्पेक्टर संजीव ने
बताया कि मंगल कालोनी में बेकरी चलाने वाले प्रदीप कुमार ने लाइसेंस के लिए
आवेदन किया था। क्लर्क हरि प्रकाश ने लाइसेंस बनाने के नाम पर 10 हजार
रुपये की घूस मांगी थी, इसमें से पांच हजार रुपये की रकम प्रदीप ने पहले ही
हरि प्रकाश को दे दी थी।
पैसे लेने के बाद हरि प्रकाश की नीयत बिगड़ गई और
उसने लाइसेंस के लिए 10 हजार रुपये की और डिमांड शुरू कर दी। हरिप्रकाश के
रवैये से परेशान बेकरी संचालक प्रदीप ने इसकी सूचना विजिलेंस को दे दी।
विजिलेंस इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने इस क्लर्क को दबोचने के लिए वीरवार को
पूरा जाल बिछाया।
योजना के मुताबिक जैसे ही प्रदीप ने निगम कार्यालय में
पहुंच कर हरि प्रकाश को 10 हजार रुपये की रकम थमाई तो टीम मौके पर पहुंच
गई। विजिलेंस की टीम को देखकर क्लर्क हरिप्रसाद के हाथ पांव फूल गए और उसने
घूस की रकम निगम में तैनात ड्राइवर राज कुमार के हाथ में थमा दी।
ड्राइवर
राज कुमार घूस की राशि को लेकर निगम कार्यालय के गेट की तरफ दौड़ पड़ा,
लेकिन गेट पर पहले से तैनात विजिलेंस की टीम ने उसे भी दबोच लिया। दोनों के
हाथ केमिकल से धुलवाए गए तो पानी का रंग लाल हो गया। विजिलेंस की टीम ने
रिश्वत लेने के आरोप में इन दोनों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है।
शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। विजिलेंस टीम में इंस्पेक्टर संजीव
कुमार, राजकुमार, हिम्मत सिंह, प्रेम प्रसाद, संजय शामिल रहे।