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रक्षाबंधन पर नहीं चलाई बस, एडीसी को पता चला तो गाड़ी कराई इंपाउंड

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सरकार ने रक्षाबंधन पर बहनों को मुफ्त यात्रा का तोहफा दिया था। कुछ बस संचालकों की मनमर्जी के कारण कई बहनों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। असंध अड्डे पर एक प्राइवेट बस के ड्राइवर-कंडक्टर की मनमानी करने का ऐसा वीडियो वायरल हुआ। तो एडीसी एवं आरटीए सचिव अनीश यादव ने शुक्रवार को बस को इंपाउंड कर दिया। इधर इंद्री में एक प्राइवेट बस में महिलाएं परिचालक से टिकट काटने पर उलझ गईं। इस बस का भी नियम के तहत चालान कर सवारियों को पैसे वापस दिलाए गए।
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मामला-1
हम नहीं चलाते बस, टाइम नहीं है...
वीरवार शाम करीब पांच बजे असंध बस स्टैंड पर प्राइवेट बस एचआर 45बी2732 के ड्राइवर-कंडक्टर ने बस चलाने से मना कर दिया। शाम चार बजे बस असंध-पानीपत रूट पर चलने के लिए काउंटर पर लगी थी। सवारियों से बहस करते हुए ड्राइवर-कंडक्टर का किसी यात्री ने वीडियो बनाया। इसमें ड्राइवर और कंडक्टर स्पष्ट रूप से बस चलाने से मना कर रहे हैं। वीडियो में चालक ने पहले तो बस का टाइम न होने की बात कहकर चलाने से मना कर दिया। बाद में बस स्टार्ट करके ले जाते समय यह कहते सवारियों को उतार दिया कि बस खराब है। रक्षाबंधन के पर्व पर सवारियों से इस बर्ताव का वायरल वीडियो एडीसी अनीश यादव के पास पहुंचा तो उन्होंने तुरंत आरटीए सहायक सचिव सतीश जैन को कार्रवाई के निर्देश दिए। शुक्रवार को सुबह बस को इंपाउंड कर लिया गया।
मामला-2
महिलाओं से पैसे भी लिए और टिकट भी नहीं दी..
रक्षाबंधन के दिन इंद्री-कुरुक्षेत्र वाया उमरी मार्ग पर निजी परिवहन समिति की बस में महिलाओं से किराया लेने का मामला सामने आया। महिलाएं इस बात को लेकर कंडक्टर से उलझ पड़ी। इंद्री बस स्टैंड पर काफी गहमा-गहमी हुई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनसे पैसे ले लिए गए और टिकट नहीं दी। काफी देर बात यह मामला शांत हुआ। महिलाओं ने बस पर तैनात कर्मचारियों से नोकझोंक के दौरान की मोबाइल फोन पर वीडियो भी बनाई।
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इंद्री-उमरी रोड पर वीरवार को निजी परिवहन समिति की बस नंबर एचआर45बी-5917 कुरुक्षेत्र से इंद्री की ओर आ रही थी। कुरुक्षेत्र से चलते समय महिलाओं को टिकट के लिए नहीं कहा गया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि रास्ते में कुछ युवक बस में चढ़े और उन्होंने महिला यात्रियों पर पैसे देने के लिए दबाव बनाया। कई महिलाओं से पैसे ले लिए और टिकट भी नहीं दी। उनका आरोप था कि कंडक्टर की शह पर पैसे वसूले गए थे। इस बात को लेकर इंद्री बस स्टैंड पर महिलाओं की बस कर्मचारियों से बहस हुई। वीडियो मिलते ही आरटीए टीम ने मौके पर पहुंच बस का चालान किया और सवारियों के पैसे भी उन्हें वापस दिलाए।
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