घर से लापता पृथ्वी विहार निवासी रवि का शव छह दिन बाद रोहतक में नहर से मिला। गुस्साए परिजनों ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर 15 अगस्त को मेरठ रोड पर जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने कहा कि उनके बेटे की हत्या हुई है। उसके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। शाम को करीब डेढ़ घंटे तक परिजनों ने जाम लगाए रखा। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बेटे को तलाशने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। उन्होंने जिन लोगों पर अपहरण का आरोप लगाया था उससे पुलिस ने पूछताछ तक नहीं की। रोहतक शव लेने भी वे खुद गये। जांच अधिकारी पर कार्रवाई और मामले की जांच सीआईए से करानी की मांग को लेकर परिजन अड़े रहे। इसके बाद डीएसपी करनाल राजीव कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने इस मामले की गहनता से सीआईए में जांच कराने का परिजनों को आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने जाम खोल दिया। मृतक की मां ऊषा रानी ने बताया कि 9 अगस्त उसके बेटे रवि (22) के पास फोन आया। इसके बाद वह बाइक लेकर घर से चला गया। घर कहकर गया कि वह थोड़ी देर में आ रहा है। लेकिन वह घर नहीं पहुंचा।
नहर के किनारे ठेके पर मिली थी बाइक, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई।
परिजनों ने बताया कि 11 अगस्त को वह रवि की तलाश करते सुहाना नहर के पास शराब के ठेके के पास पहुंचे तो वहां बताया गया कि एक बाइक और चप्पल ठेके के पास थी। इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी थी। मृतक की मां ऊषा ने आरोप लगाया कि पुलिस जांच अधिकारी ने उस दौरान भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पुलिस को बताया था कि अशोक और जगमेर के साथ उनका कोर्ट में मामला चला हुआ है। उन्होंने ही उसके बेटे को गायब किया है। मृतक रवि की पत्नी ने रोते कहा कि पुलिस पहले दिन ही उसके पति को तलाशने की कोशिश करती तो वह मिल जाता। उसकी सात माह की बच्ची है अब में क्या करूं, आरोपियों ने उनको धमकी भी दी थी।
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रवि के लापता होने की सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी थी। उनकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई है। अब इस मामले की जांच सीआईए को दे दी है। -दलजीत सिंह, सेक्टर-32,33 थाना प्रभारी।