- जिला नागरिक अस्पताल की हड्ड़ी रोग ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे 300 मरीज जिनमें 40 प्रतिशत गर्दन दर्द से पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मोबाइल के इस्तेमाल के दौरान घंटों झुके रहना व लैपटॉप पर देर तक काम करने से गर्दन टेढ़ी और रीढ़ की हड्डी में दिक्कतें आ रही हैं। जिला नागरिक अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में रोजाना 200 से 300 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें 30 से 40 प्रतिशत मरीज गर्दन में दर्द, अकड़न और झुकाव जैसी दिक्कतों से जूझ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या ऑफिस में बैठकर काम करने वाले कर्मचारी और मोबाइल पर गेम खेलने वाले युवाओं की है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कार्तिक दुआ के मुताबिक, सिर को जितना ज्यादा झुकाया जाता है, गर्दन की सर्वाइकल स्पाइन पर उतना ही ज्यादा भार पड़ता है। इससे मांसपेशियां खिंचने लगती हैं और नसों पर दबाव आने से तेज दर्द होता है, जो कई बार सिरदर्द या हाथों में झनझनाहट के रूप में सामने आता है। दर्द केवल गर्दन नहीं, रीढ़ के तीनों हिस्सों पर असर डालता है। लगातार गलत पोश्चर से शरीर की तीन स्पाइन यूनिट्स प्रभावित होती हैं। सर्वाइकल स्पाइन, जिससे मोबाइल के इस्तेमाल का सीधा असर गर्दन पर पड़ता है। लंबे समय तक सिर झुकाकर देखने से दर्द, अकड़न और सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस की शुरुआत होती है।
दूसरा थोरैसिक स्पाइन, जो पीठ का मध्य भाग है। लंबे समय तक कुर्सी पर झुककर बैठने से यहां झुकाव आ जाता है, जिससे पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द और कुबड़ जैसा झुकाव आने लगता है। तीसरा, लंबर स्पाइन, जो कमर का हिस्सा है। गर्दन और पीठ की कमजोरी का बोझ अंत में कमर पर आता है। इससे नस दबना, स्लिप डिस्क और कमर दर्द की शिकायत बढ़ जाती है। हड्डी रोग विशेषज्ञ अनुसार, सिर को 60 डिग्री झुकाने पर गर्दन पर 27 किलोग्राम तक भार पड़ता है। वहीं, लंबे समय तक झुके रहने से असहनीय दर्द और गर्दन टेढ़ी होने की शिकायत बढ़ जाती है।
डॉक्टरों के मुताबिक, इस समस्या की जड़ सिर को लगातार झुकाकर रखना है जिससे गर्दन की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और नस दबने लगती है। दूसरा, प्रोप्रियोसेप्शन प्रणाली का बिगड़ना है, जो यह तय करती है कि हमारा सिर और गर्दन संतुलित है या नहीं।
बचाव के उपाय-
- मोबाइल को आंखों के लेवल पर रखें।
- हर 30 मिनट में गर्दन, कंधों और पीठ की हल्की स्ट्रेचिंग करें।
- कुर्सी पर बैठते समय रीढ़ सीधी रखें।
- स्क्रीन टाइम कम करें, ब्रेक लेते रहें।
- लंबे समय तक कुर्सी पर न बैठे रहें, बीच-बीच में खड़े हो जाएं।
- योग, व्यायाम से मांसपेशियों को मजबूत बनाएं।