संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला पुलिस ने छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूक किया गया। सोमवार को साइबर अपराध थाना की टीम, जिसमें उप निरीक्षक गौरव कुमार, सहायक उप निरीक्षक रामफूल, मुख्य सिपाही सुरेंद्र, सिपाही आरती की ओर से राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में जिला युवा अधिकारी रेनू सिलग पहुंचीं।
इस दौरान महिला सुरक्षा शाखा के प्रभारी उपनिरीक्षक चंदेश्वर ने छात्राओं को साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साइबर ठग लोगों के साथ ठगी करने के अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। जिसके कारण लोग आर्थिक ठगी के साथ मानसिक तौर पर भी परेशान रहते हैं। इंटरनेट की दुनिया में वह सोशल मीडिया साइट पर हमारी छोटी सी गलती कैसे हमारे लिए आर्थिक तौर व मानसिक तौर पर हानिकारक साबित होती है यह बताया गया।
छात्रों को बताया गया कि इंटरनेट का प्रयोग करते समय हमें सुरक्षित वेबसाइटों पर ही विजिट करना चाहिए। अपने सोशल मीडिया खातों को एक मजबूत पासवर्ड लगाकर सुरक्षित रखना चाहिए और उन पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए। अपनी कोई भी फोटो या वीडियो इंटरनेट पर शेयर नहीं करनी चाहिए किसी अनजान व्यक्ति के साथ फोन कॉल या वीडियो कॉल करने से परहेज करना चाहिए और सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति के पास न तो फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजनी चाहिए और न ही किसी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करनी चाहिए। यदि साइबर ठगी हो जाती है तो तुरंत 1930 व राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और वित्तीय हानि होने से बचें।