करनाल। बीरू वाल्मीकि की हत्या में हर्ष और बीरबल के शामिल होने के पुलिस के पास क्या साक्ष्य हैं ? जब दोनों का नाम एफआईआर में नहीं था तो उन्हें किस आधार पर आरोपी बनाया गया ? और दोनों को मुठभेड़ में मार गिराए जाने की नौबत कैसे आई? ये सवाल शुक्रवार को वाल्मीकि समाज के लोगों ने उठाए। उन्होंने उपायुक्त आनंद शर्मा को ज्ञापन देकर कहा कि मुठभेड़ पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में पुलिस सभी साक्ष्य सार्वजनिक करे। सरकार मुठभेड़ की जांच सीबीआई कराए।
इससे पहले वाल्मीकि समाज के लोगों ने सेक्टर 12 स्थित व्यायामशाला पार्क में पंचायत की। इसमें शामिल लोगों ने कहा कि पांच अगस्त की रात की गई बीरू की हत्या में सात लोग नामजद कराए गए थे। इनमें हर्ष और बीरबल का नाम शामिल नहीं था। पुलिस ने अगले दिन रात को हर्ष और बीरबल को मुठभेड़ में मार गिराकर दोनों के हत्या में शामिल होने का दावा किया लेकिन अभी तक यह नहीं बताया कि उनके खिलाफ क्या साक्ष्य थे?
भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र मान ने डीसी से कहा कि हत्या के सात आरोपियों में से छह अब तक नहीं पकड़े जा सके हैं। उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। इस मामले में पैरवी कर रहे लोगों को धमकियां मिल रही हैं। धमकी देने वालों पर कार्रवाई की जाए। बीरू के परिजन को जान का खतरा है। उन्हें शस्त्र लाइसेंस दिया जाए। परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। डीसी के बाद लोग एसपी नरेंद्र बिजरानिया से मिलने पहुंचे। एडवोकेट सोनिया तंवर ने बताया कि धमकी देने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। एसपी ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सीबीआई जांच होना जरूरी
राजेंद्र मान और सोनिया तंवर ने कहा कि इस मामले में लगातार बयानबाजी हो रही है। इससे रोड़ और वाल्मीकि समाज के लोगों के बीच अविश्वास की स्थिति बन रही है। ऐसे में सीबीआई जांच होना बेहद आवश्यक है। इसी से हर सवाल का जवाब मिलेगा और अविश्वास की स्थिति दूर होगी। पंचायत में सभी समाज के लोगों से बयानबाजी से बचने की अपील की गई।
रोड़ समाज का प्रदर्शन 24 को
हर्ष और बीरबल के एनकाउंटर की न्यायिक जांच की मांग लेकर रोड़ समाज के लोग 24 को प्रदर्शन करेंगे। सरकार ने एनकाउंटर की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपी हैं। समाज के लोग इससे संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि न्यायिक जांच से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। समाज के लोग तीन पंचायत कर चुके हैं। लोगों का कहना है कि हर्ष और बीरू को फर्जी मुठभेड़ में मारा गया। हर्ष रोड़ और बीरबल सैन समाज से था।
अब तक का घटनाक्रम
हत्या
पांच अगस्त को बीरू की हत्या की गई। सात लोग नामजद कराए गए।
मुठभेड़
छह अगस्त की रात साढ़े बारह बजे हर्ष और बीरबल मुठभेड़ में मारे गए।
पंचायत
रोड़ समाज तीन पंचायत कर चुका है। समाज के लोग सीएम से भी मिल चुके।
जांच
सरकार ने जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपी है। न्यायिक जांच की मांग है।