73 यूनिवर्सिटी और 25 विधाएं। तीसरी बार नेशनल यूथ फेस्टिवल आयोजित कर रहे केयू के सभागार में अनुशासनहीनता चरम पर नजर आई।
देश के लगभग सभी राज्यों के विश्वविद्यालय युवा महोत्सव में शामिल हैं, लेकिन केयू के इस रंगारंग कार्यक्रम में जो हो-हल्ला और हुड़दंग हुआ, उसे देखकर खुद आयोजक ही मंच से इसे शर्मनाक कहकर धिक्कारते नजर आए।
सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इंटर यूनिवर्सिटी यूथ फेस्टिवल का शुभारंभ किया था और साथ ही अपने संदेश में अच्छे आचरण और व्यवहार कुशलता को प्राथमिकता देने की अपील की थी।
ऐसे संदेश पुलिस और केयू की निजी सिक्योरिटी व्यवस्था के अलावा कार्यक्रम के लिए विशेष रुप से बनाई गई अनुशासन समिति सहित सभी के लिए गौण दिखे।
आयोजन के दूसरे दिन अधिकांश प्रस्तुतियों में नार्थ जोन से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की प्रस्तुति नहीं रही, जबकि अपनी दमदार प्रतिभा के बल पर इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में जगह बनाने वाले अन्य कलाकार परफॉरमेंस देते समय काफी असहज दिखे, क्योंकि दर्शक दीर्घा में बैठे शरारती तत्वों की ओर से हो-हल्ला और हुड़दंग की स्थिति बनी रही।
हद उस समय हो गई, जब गेस्ट आइटम से पहले बेकाबू शरारती तत्वों ने हंगामा मचा दिया, जिसे काबू करने के लिए सिक्योरिटी और केयू के अधिकारी उस ओर जैसे ही लपके, उन्हें देखने के लिए अन्य दर्शक अपनी सीटों से उठना शुरू हो गए और आडिटोरियम हाल में अफरा-तफरी मच गई।
मैं कार्यक्रम को बंद करवा दूंगा, करवा दो
गेस्ट आइटम से पहले आडिटोरियम हाल में मची अफरा-तफरी को शांत करने के लिए केयू युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक अनूप लाठर ने मंच से शांति बनाए रखने के लिए आग्रह किया, लेकिन शरारती तत्वों ने उनकी एक नहीं सुनी।
इसके बाद उन्होंने मंच से दो टूक कहा कि ये हरकतें केयू की साख पर बट्टा लगाने जैसी हैं और ऐसा करने वालों को शर्म आनी चाहिए। हद उस समय हो गई, जब दर्शक दीर्घा में बैठे एक सख्श ने उल्टा उक्त अधिकारी को ही सुना दी।
इस पर गुस्साए अधिकारी ने चेतावनी दी कि अगर उन्होंने हो-हल्ला और शोर बंद नहीं किया तो वह कार्यक्रम को बीच में ही बंद करा देंगे। इसी बीच आवाज आई कि करवा दो कार्यक्रम को बंद।
और कार्यक्रम बंद कराने के आदेश वापस
चेतावनी के बावजूद अनुशासनहीनता देख युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक अनूप लाठर ने कार्यक्रम को बंद कराने के मंच से आदेश दे दिए और सिक्योरिटी को खचाखच भरे आडिटोरियम हाल को खाली कराने को कह दिया।
सिक्योरिटी ने महिला दीर्घा के अलावा अन्य सैकड़ों सीटें खाली कराना शुरू कर दिया और जब ये सीटें खाली हो गईं, उसके बाद लाठर ने मंच पर दोबारा आकर फिर चेतावनी दी और कार्यक्रम को चलाने के निर्देश दे दिए।
गेस्ट आइटम के ट्रायल ने बिगाड़ी प्रस्तुति
राष्ट्रीय युवा महोत्सव के दौरान मिमिक्री की प्रस्तुतियों के कारण केयू का आडिटोरियम हाल खचाखच भरा हुआ था। इसी बीच मंच से एक गेस्ट आइटम के रूप में हरियाणा के कलाकार गजेंद्र फोगाट की प्रस्तुति कराने की घोषणा कर दी गई।
इस घोषणा के बाद जहां पर्दे के आगे मिमिक्री की स्पर्धाएं चलती रहीं, वहीं पर्दे के पीछे गेस्ट कलाकार के साजिदे वाद्य यंत्रों का ट्रायल लेकर प्रतियोगियों की प्रस्तुति में बाधा पहुंचाते रहे। केयू के कई अधिकारियों ने भी इसे गलत करार दिया।
ड्यूटी देने की बजाए बंकबाजी
राष्ट्रीय युवा महोत्सव में अनुशासन व्यवस्था बनाए रखने के दावे किए गए थे। इसके लिए बकायदा केयू के कई प्रोफेसरों और अधिकारियों की टीमें बनाई गईं, लेकिन खुद केयू के अधिकारियों का कहना है कि इनमें से अधिकांश ड्यूटी देने की बजाय बंकबाजी में रहे।
यही कारण था कि कार्यक्रम के दौरान हो-हल्ला और अफरा-तफरी से निपटने के प्रबंध नाकाफी नजर आए। व्यवस्था से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ड्यूटी से कई लोग नदारद हैं।