करनाल के बड़ा गांव के समीप गुजर रही नहर में मामा-भांजा डूब गए। जिसमें मामा का शव बरामद कर लिया गया है और भांजे की तलाश में लगे हैं। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कर पीड़ितों को शव सौंप दिया है। मामा हरगोपाल (36) और भांजा राजेंद्र (25) एक ही गांव मंचूरी में रहते हैं और ईट भट्ठों पर मजदूरी करते हैं।
जानकारी के अनुसार गांव मंचूरी वासी हरगोपाल और राजेंद्र ईंट भट्ठा गांव बड़ा में कार्य करते थे। तीन जून को गर्मी बढ़ने पर हरगोपाल और राजेंद्र गांव बड़ा के समीप नहर में नहाने चले गए। यहां पर पहले भी बहुत से लोग नहा रहे थे। नहाते वक्त पांव फिसलने से दोनों डूब गए। इसकी सूचना नहाने गये अन्य लोगों ने परिजनों को दी। आरोप है कि पीड़ित प्रशासन के सामने कम पानी करवाने और गोताखोरों की मांग करते रहे, लेकिन प्रशासन ने पीड़ितों का सहयोग नहीं किया। रविवार सुबह छह बजे मेरठ रोड स्थित शुगर मील के समीप नहर से हरगोपाल का शव मिल गया है। फिलहाल राजेंद्र की तलाश जारी है।
नहरों पर नहाने वालों का लगता है जमवाड़ा
गर्मी में नहरों पर नहाने वालों का जमवाड़ा लगा रहता है। प्रशासन अनदेखी कर रहा है और लोग नहरों को पार करने की जिद्द में जिंदगी से हार रहे हैं। प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड लगा दिए हैं। इन नहरों पर न पुलिस गश्त करती है और न ही अन्य कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई गई है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए नहर में छलांग लगा रहे हैं।