गंगा दशहरे पर यमुना नदी में स्नान करने दो युवक डूब गए। ये हादसे शेरगढ़ टापू में उत्तर प्रदेश की तरफ हुए। दोनों के शव गोताखोरों की मदद से निकाल लिए हैं। उधर बडौली की तरफ यमुना नदी डूबे नरू खेड़ी निवासी युवक का 24 घंटे बाद भी शव नहीं मिला। दोनों मामलों में शामली व सहारनपुर पुलिस जांच कर रही है। क्योंकि दोनों हादसे उत्तर प्रदेश की तरफ यमुना नदी में हुए हैं।
जानकारी के अनुसार रविवार को गंगा दशहरे पर शेरगढ़ टापू के निकट यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर यमुना नदी में गांव नली पार निवासी 26 वर्षीय विक्की व शेरगढ़ टापू निवासी 30 वर्षीय रणजीत यमुना में नहाने गए थे जहां दोनों युवक डूब गए। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया लेकिन कामयाब नहीं हो सके। घटनास्थल यूपी की सीमा में होने के कारण सूचना उपरांत उत्तर प्रदेश के गंगोह थाना पुलिस की टीम पहुंची। इसी दौरान सूचना पाकर युवकों के परिजन भी पहुंच गए लेकिन देर रात होने के कारण तलाशी अभियान रोकना पड़ा। सोमवार सुबह दोबारा युवकों को तलाश करने का अभियान शुरू किया गया तो शेरगढ़ टापू निवासी रणजीत व सचिन के शवों को बरामद कर लिया। यूपी पुलिस शवों को सहारनपुर पोस्टमार्टम हाउस ले गई। रणजीत के दो बच्चे हैं जिनके सिर से पिता का साया उठ गया।
24 घंटे बाद भी नहीं मिला प्रवीण का शव
गंगा दशहरे पर नरू खेड़ी निवासी तीन दोस्त प्रवीण, वेदपाल व टिंकू यमुना नदी में नहाने गए थे। वे यूपी की तरफ नहा रहे थे जहां प्रवीण डूब गया। जब वेदपाल बचाने गया तो वह भी डूबने लगा लेकिन आसपास के लोगों ने उसे बचा लिया। देर रात तक प्रवीण का सुराग नहीं लगा। सोमवार को भी नदी में सर्च अभियान गोताखोरों की मदद से किया गया लेकिन 24 घंटे बाद भी प्रवीण का सुराग नहीं लगा।
घर का एकलौता था प्रवीण, डेढ़ साल पहले हुई थी शादी
परिजनों ने बताया कि प्रवीण घर का एकलौता चिराग था। जिसकी डेढ़ साल पहले शादी हुई थी, लेकिन अब घर में मातम पसरा है। पूरे दिन प्रवीण के घर लोगों का तांता लगा रहा। परिजन नदी पर पूरे दिन खड़े रहे लेकिन प्रवीण का सुराग नहीं लगा।
ग्रामीण ही करते रहे युवकों की तलाश
ग्रामीणों में यूपी प्रशासन के प्रति गहरा रोष था। ग्रामीणों का कहना है कि यूपी प्रशासन की ओर से कोई भी गोताखोर नहीं बुलाया गया। रविवार देर रात तक ग्रामीण ही रणजीत और सचिन को नदी में तलाश करते रहे। सोमवार को भी यूपी प्रशासन की ओर से गोताखेार नहीं भेजा गया। ग्रामीणों ने ही अपने स्तर पर दोनों की तलाश की और कुरुक्षेत्र के गोताखोर प्रगट सिंह को बुलाया। ग्रामीणों ने रोष जताते कहा कि यूपी और करनाल जिला प्रशासन को पता था कि गंगा दशहरे पर भारी संख्या में श्रद्धालु यमुना नदी में नहाने आते हैं इसके बावजूद दोनों प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए न एंबुलेंस खड़ी की गई न गोताखोर तैनात किए गए।
नडाना के समीप नहर में मिला शव
तरावड़ी। गांव नडाना के समीप पुलिस को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के शव गृह में रखवा दिया है। तरावड़ी थाना प्रभारी कुलबीर कौर ने बताया कि सूचना मिली थी कि नडाना गांव के समीप नहर में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। सूचना मिलने पर गोताखोर को बुलाया गया। सिख ग्रुप करनाल के गुरप्रीत, गुरदेव हर्ष व गोल्डी ने शव को नहर से बाहर निकाला। शव करीब 42 वर्षीय व्यक्ति का था। जिसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है।-संवाद