एक ओर जहां हरियाणा के राइस मिलर्स पर सीएमआर चावल की शार्टेज मिलने पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है, वहीं हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन दो फाड़ हो गई है। पुरानी कार्यकारिणी को ही आगामी दो वर्षों की कमान सौंपने के विरोध स्वरूप राइस मिलर्स के एक ग्रुप ने चुनाव को अमान्य करार देते हुए शनिवार को विलासपुर में दोबारा चुनाव कराकर राजेंद्र अग्रवाल को प्रदेश प्रधान व राजेंद्र सिंह को प्रदेश महासचिव चुन लिया है। इसकी खुशी में करनाल राइस मिलर्स एसोसिएशन के राइस मिलर्स ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया।
हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के स्टेट प्रधान हंसराज सिंगला और चेयरमैन ज्वैल सिंगला की अगुवाई वाली कार्यकारिणी के चार दिन पहले हुए चुनाव में सर्वसम्मति से पुरानी कार्यकारिणी का ही कार्यकाल आगामी दो वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है। यह सभी राइस मिलर्स को पसंद नहीं आया। यही कारण है कि एक धड़े ने इसका विरोध किया। पिछले दिनों करनाल सहित कई जिलों में बैठकें करने के बाद शनिवार को विलासपुर में समारोहपूर्वक चुनाव किया। नए पदाधिकारियों के चुनाव होने की खुशी में करनाल राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान विजय कट्टर की अगुवाई में मंडी में रविवार को राइस मिलर्स की बैठक की गई। आशा जताई गई कि अब राइस मिलर्स की समस्याओं को तत्परता के साथ हल किया जा सकेगा। इसमें विजय कट्टर, राज कुमार गुप्ता, आरसी वर्मा, नंदलाल गोयल, संजय, राजीव टक्कर, सुनील, जॉनी, राजू, मुकेश गुप्ता, सुरेंद्र त्यागी, हरीश गोयल, राजेश गोयल आदि शामिल रहे।
-पुरानी कार्यकारिणी राइस मिलर्स की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं थी, इसलिए नया चुनाव करना पड़ा। नई कार्यकारिणी भी यदि काम नहीं करती तो आगे किसी और को मौका दिया जाएगा। उम्मीद है कि नई कार्यकारिणी राइस मिलर्स की समस्याओं के निदान के लिए संघर्ष करेगी।
-विजय कट्टर, प्रधान करनाल राइस मिलर्स एसोसिएशन।
-पुरानी कार्यकारिणी ठीक काम कर रही है, इसलिए ही उसे दोबारा मौका दिया गया है। सभी लोग तो किसी भी संगठन में संतुष्ट नहीं होते हैं। 1400 राइस मिलर्स में से चंद राइस मिलर्स ने अलग गुट बनाकर चुनाव करके संगठन को कमजोर करने की कोशिश की है लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अधिकांश राइस मिलर्स हमारे साथ ही जुड़े हैं।
-ज्वैल सिंगला, चेयरमैन हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन।
-50-60 राइस मिलर्स यदि अलग भी हो गए तो अधिक फर्क नहीं पड़ता है। सभी को खुश करना बेहद मुश्किल होता है लेकिन अलग संगठन बनाने वाले खुद को ही धोखा दे रहे हैं। संगठन को कमजोर कर रहे हैं। अच्छा होगा कि सभी एक मंच पर आकर अपने हक की लड़ाई लड़ें। तभी समस्याओं का बेहतर समाधान संभव है। यही उद्देश्य भी है, फिर भी भटके लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा।
-विनोद कुमार गोयल, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन।