घोघड़ीपुर रोड पर पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके में घायल तीन मजदूरों में से बुधवार को दो और ने दम तोड़ दिया। मंगलवार शाम हुए इस हादसे में अब तक तीन मजदूरों की जान जा चुकी है। सभी तमिलनाडु के रहने वाले थे। एक मजदूर का अभी इलाज चल रहा है, जिसकी हालत गंभीर है। धमाके के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। यह बात भी सामने आई है कि फैक्टरी मालिक सुंदर गुप्ता ने दमकल विभाग से एनओसी नहीं ली थी, न अग्निशमन संयंत्र लगे थे। डीसी निशांत कुमार यादव ने एसीयूटी नीरज कुमार की अध्यक्षता में जांच टीम का गठन किया है, जो अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह में पेश करेगी। यही टीम बताएगी कि फैक्टरी मालिक के पास पटाखे बनाने का लाइसेंस था या नहीं।
बुधवार को इंडस्ट्री सेफ्टी एवं हेल्थ के डिप्टी डायरेक्टर जितेंद्र खरब ने भी मौके का मुआयना किया और कहा कि जल्द मामले की जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि लापरवाही के कारण ही हादसा हुआ है। घोघड़ीपुर गांव के समीप श्रीफायर वर्कस पटाखा फैक्टरी में मंगलवार शाम जोरदार धमाका हो गया था।
इनकी हुई शिनाख्त
हादसे में एक मजदूर की झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई थी। जिसकी शिनाख्तकुमार आसमी (59) निवासी तमिलनाडू के मुर्गयापुरम विश्वनाथम शिवाकासी के रूप में हुई है। बुधवार को विजय कुमार (26) तमिलनाडु के विलमपति वृधुनगर व बालाकुमार (22) निवासी तमिलनाडू के मुर्गयापुरम विश्वनाथम शिवाकासी ने इलाज के दौरान दमतोड़ दिया। पांडीसेलवाम की हालात गंभीर बनी है। दो और मजदूर घायल हैं। जिनका इलाज चल रहा है।
परिजनों के आने पर होगा पोस्टमार्टम और मामला दर्ज
देर शाम तक न तो मृतकों का पोस्टमार्टम हुआ, न कोई मामला दर्ज किया गया। मधुबन थाना प्रभारी संजीव मलिक का कहना है कि मृतकों के परिजनों के आने के बाद ही उनकी शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। फायर ऑफिसर नरेंद्र का कहना है कि मालिक सुंदर ने फायर सेफ्टी को लेकर एनओसी नहीं ली है।