नेशनल हाइवे पर विश्राम गृह के सामने एक बार फिर सोमवार को अवैध ढाबों पर प्रशासन का पीला पंजा चला। जिला नगर योजनाकार ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दो ढाबों को ध्वस्त करवाया। कार्रवाई से ढाबा संचालकों में हड़कंप मच गया। टीम को ढाबा संचालकों के विरोध का सामना करना पड़ा। लगभग दस दिन में ढाबों को ध्वस्त करने की दूसरी कार्रवाई की गई है।
डीटीपी की टीम भारी पुलिस बल के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार रमेश अरोड़ा की अगुवाई में घरौंडा रेस्ट हाउस के सामने बने अवैध ढाबों पर कार्रवाई करने पहुंची। टीम का नेतृत्व जिला योजनाकार अधिकारी विक्रम सिंह ने किया। इस दौरान ढाबा मालिक फिर से अधिकारियों के सामने दस दिन की मोहलत देने की मांग पर अड़ गए। जिस पर डीटीपी ने कहा कि पहले ही दस दिन का समय दिया जा चुका है। जिसके लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन नोटिस पीरियड में ढाबे को खाली नहीं किया गया। अब दोबारा मोहलत का कोई सवाल नहीं उठता। प्रशासन का सख्त रवैया देख ढाबा संचालकों ने आनन-फानन से अपना सामान बाहर निकाला। विभागीय अधिकारी ताकते रहे। इस दौरान टीम ने शगुन स्टार व मयूर ढाबे को ध्वस्त कर दिया।
ढाबा मालिक ने मीडिया के कैमरे पर मारा हाथ
शगुन स्टार पर चल रही तोड़फोड़ की कार्रवाई के बीच ढाबा मालिक ने मीडियाकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। यहां तक कि मीडिया के कैमरे पर हाथ मारकर रोकने तक की कोशिश की। दरअसल ढाबा मालिक किसी नेता या अधिकारी की डीटीपी से फोन पर बात करवा रहा था। इस बातचीत को रिकॉर्ड करने के लिए जैसे ही पत्रकार उस तरह बढ़ा ढाबा मालिक कैमरे के सामने खड़ा हो गया और हाथ मारकर कैमरा रोकने की कोशिश की। इससे दोनों के बीच तकरार भी हुई।
घरौंडा रेस्ट हाउस के सामने शगुन स्टार व मयूर ढाबे पर कार्रवाई की गई है। इनको 21 जनवरी को ढाबा खाली करने का नोटिस दिया गया था लेकिन इन्होंने ढाबा खाली नहीं किया। पुलिस बल की मौजूदगी में दोनों ढाबों को ध्वस्त किया गया है।
-लक्ष्मी नारायण, जेई डीटीपी करनाल