जिले में अब भी 1,85,775 लोग अनपढ़ हैं। यह खुलासा साक्षर भारत मिशन के तहत गांवों में किए गए सर्वे में हुआ है। इन अनपढ़ लोगों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है। साक्षर भारत मिशन के तहत सभी को साक्षर बनाने का बीड़ा उठाया गया है।
भारत सरकार के साक्षर भारत मिशन के तहत ग्रामीण स्तर पर 15 वर्ष से ऊपर आयु के निरक्षर पुरुषों और महिलाओं को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस क्रम में कैथल जिले के प्रत्येक गांव का सर्वे करके 1,85,775 अनपढ़ लोगों की पहचान हुई है। इनमें 75,369 पुरुष और 1,10,406 महिलाएं हैं। जिले में 18 मार्च, 2012 तथा 25, अगस्त 2013 को इन अनपढ़ लोगों को साक्षर बनाने के लिए तीसरी कक्षा स्तर की परीक्षाओं का आयोजन किया जा चुका है। सभी गांवों में पठन पाठन सामग्री उपलब्ध है।
मिशन के तहत दी गई जानकारी के अनुसार 25 अगस्त, 2013 को ली गई परीक्षा में इस मिशन के तहत 6795 निरक्षरों को परीक्षा में बिठाया गया। मार्च, 2014 की परीक्षा के लिए जिला स्तर पर क्रियान्वित साक्षर भारत मिशन के तहत 15 हजार निरक्षरों को परीक्षा में बैठाने और साक्षर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डीसी एनके सोलंकी ने बताया कि साक्षर भारत मिशन की शुरुआत सितंबर, 2009 में भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा की गई थी।
यह मिशन विशेष रूप से उन जिलों में चालू किया गया, जहां निरक्षरता की दर अधिक है। इसी संदर्भ में जिला कैथल में यह कार्यक्रम वर्ष 2011 से प्रारंभ हुआ। इसके अंतर्र्गत जिले के सभी 277 ग्राम पंचायतों के स्तर पर एक महिला व एक पुरुष प्रेरक नियुक्त किए गए हैं जो निरक्षरों को साक्षर बनाने का काम कर रहे हैं।