करनाल। शहर की मान काॅलोनी के बुजुर्ग दपंति को डिजिटल अरेस्ट करके 15 लाख रुपये की ठगी करने वाले यूपी के बागपत निवासी छपराैली गांव निवासी आरिफ और आसिफ अली को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बुजुर्ग को उनके आधार कार्ड से फर्जी खाता खोलकर मनी लांड्रिंग होने का डर दिखाकर ठगी की थी। तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा था।
अब पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश किया। एक को जेल भेज दिया गया और दूसरे को तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
साइबर थाना के पुलिस जांच अधिकारी देवेंद्र सिंह मान ने बताया कि एक बुजुर्ग ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 29 अक्तूबर को उनके पास विनोद नामक ठग का फोन आया था। आरोपी ने खुद को टेली कम्यूनिकेशन विभाग नई दिल्ली का सीनियर ऑफिसर बताया था। कहा था कि उनके आधार कार्ड से फर्जी खाता खुला हुआ है। खाते से 22 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग हुई है, जिसकी एवज में आठ एफआईआर दर्ज हुई हैं।
आरोपी ने बुजुर्ग को स्लीपर सैल क्राइम ब्रांच की ओर से कभी भी गिरफ्तार किए जाने की बात कहकर डराया था। आरोपियों ने लगातार कैमरे की निगरानी में रहने के लिए बोला। वह तीन दिन तक आरोपी के बताए अनुसार ही काम करते रहे। तीसरे दिन आरोपी की ओर से बताए खाते में 15 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी। बाद में उनके बच्चों को पता लगा तो उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर फोन करके शिकायत दर्ज करवाई।
जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मामले में यूपी के बागपत जिला के छपराैली गांव निवासी आरिफ और आसिफ अली को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। अदालत ने आरोपी आरिफ को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। आरोपी आसिफ अली का तीन दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया है। रिमांड के दाैरान अन्य आरोपियों की भूमिका के बारे में पूछताछ की जाएगी। ठगे गए रुपये बरामद किए जाएंगे।