कुरुक्षेत्र की बाबैन अनाज मंडी में धान का 20 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान रुक जाने से मंडी में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
इस मंडी में अब तक 1.5 लाख क्विंटल परमल धान की आवक हो चुकी है, लेकिन सरकार की ओर से खरीद का छह दिन बाद भी भुगतान नहीं होने के कारण मंडी में पैसे का संकट खड़ा हो गया है।
गौरतलब है कि बाबैन अनाज मंडी में जहां पिछले एक महीने में मात्र 15 हजार क्विंटल के करीब परमल धान की आवक हुई थी वहीं अब मात्र 6 दिनों में यह आवक 1.5 लाख क्विंटल का आंकड़ा पार कर चुकी है। इसके अलावा मंडी में सरबती धान की आवक 7 हजार क्विंटल, डीबी धान की 800 क्विंटल व बासमती धान की आवक 1805 क्विंटल हुई है। जो पिछले साल की अपेक्षा लगभग दोगुनी है।
क्षेत्र के किसान बलदेव सिंह कंदौली, हाकम सिंह कंदौली, रणजीत सिंह, प्रिंस घिसरपडी, जसविंद्र सिंह व ऋषिपाल राणा बडतौली, गुरमुख सिंह मंगौली, भूपेन्द्र सुरा का कहना है कि उन्हें मंडी में धान गिराए कई दिन हो गए है परंतु आढ़ती उन्हें यह कहकर भुगतान करने में देरी कर रहे हैं कि अभी सरकार से धान का भुगतान नहीं किया है।
किसानों का कहना है कि एक तो आलू बिजाई का समय है दूसरा शादियों व त्योहारों का भी खर्च काफी हो रहा है। इसके कारण पैसा न मिलने के कारण उनको काफी परेशानी हो रही है।
मंडी के व्यापारियों का कहना है कि सरकार की ओर से खरीदी गई धान का भुगतान न होने से उन्हें मंडी में आर्थिक संकट जरूर है लेकिन वे अपने संसाधनों से किसानों को पैसे की दिक्कत नहीं आने दे रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने सरकारी खरीद एजेंसी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को अब तक 20 करोड़ से अधिक का धान बेच दिया है परंतु उन्हें विभाग की ओर से अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है।
बिल आएंगे तो करेंगे भुगतान
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के खरीद अधिकारी रवि वर्मा का कहना है कि विभाग की ओर से खरीदी गई धान का भुगतान करने में विभाग की ओर से कोई देरी नहीं है। धान का भुगतान करने के लिए अनाज मंडी एसोसिएशन को बिल-कम-पेमेंट एजेंट के तौर पर नियुक्ति की गई है और जैसे ही विभाग के पास धान की खरीद के बिल जमा होंगे, उनका तुुरंत भुगतान कर दिया जाएगा।
तुरंत भुगतान के आदेश
धान की खरीद के लिए मंडी में नियुक्त नोडल अधिकारी नायब तहसीलदार राजेंद्र गुप्ता का कहना है कि धान के भुगतान व खरीद को लेकर किसानों को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। सरकारी खरीद एजेंसी को खरीदी गई धान का तुरंत भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं।