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Turmeric Ghee Benefits: NDRI ने की सालों मेहनत, तैयार किया हल्दी वाला देसी घी; जानें इसके फायदे

Sat, 03 Jun 2023 08:50 AM IST
अनुज कुमार देव शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, करनाल

सार

Turmeric Ghee Benefits: आप लोगों ने हल्दी वाले दूध के बारे में तो नहीं है लेकिन अब हल्दी वाला देसी घी भी आ गया है। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) के वैज्ञानिकों ने हल्दी वाला देसी घी तैयार किया है। इस हल्दी वाले देसी घी के कई फायदे हैं। 
 
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देसी घी - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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Turmeric Ghee Benefits: शरीर में दर्द निवारक और बीमारियों से बचाव के रूप में हल्दी वाले दूध को पीने के फायदे तो बुजुर्गों से सुने हैं, लेकिन अब राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) के वैज्ञानिकों ने हल्दी वाला देसी घी भी तैयार किया है। यह एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी बैक्टीरियल भी है। यह शरीर को तो कई तरह से फायदे पहुंचाता ही है, साथ ही जल्द खराब भी नहीं होता। इससे पहले संस्थान ने अर्जुन की छाल को मिलाकर भी देसी घी तैयार किया था, जो हृदय रोगियों के लिए खासा लाभदायक है।

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हल्दी वाले देसी घी के ये हैं फायदे
अनुसंधान निदेशक डॉ.धीर सिंह के मार्गदर्शन में डेयरी प्रौद्योगिकी विभाग के प्रभाग अध्यक्ष डॉ. डीएन यादव की प्रयोगशाला में यह घी तैयार किया गया है। शोधकर्ता हिमांशु कुमार सिंह व मानस सरकार ने बताया कि पीले रंग के हल्दी वाले इस घी को करक्यूमिन फोर्टिफाइड घी कहा गया है। उन्होंने बताया कि हल्दी में एक विशेष प्रकार का रसायन होता है, जिसे करक्यूमिन कहा जाता है। यह तत्व एंटी ऑक्सीडेंट होता है, जिससे शरीर की कोशिकाओं को खराब और नष्ट होने से बचाया जा सकता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। करक्यूमिन को दर्द से राहत देने, कोलेस्ट्राल कम करने व दिल संबंधी रोगों को रोकने में सहायक माना जाता है।

संस्थान ने कुछ समय पहले ही हृदय रोगियों को ध्यान में रखते हुए अर्जुन घी की खास तकनीक तैयार की थी। इसकी तकनीक एनडीआरआई से लेकर एक निजी कंपनी ने इसे बाजार में भी उतार है। इसमें एक विशेष तकनीक के जरिये देसी घी में अर्जुन की छाल को मिलाया गया है, जो उच्च रक्तचाप व अन्य हृदय रोगों में काफी लाभकारी है।
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निदेशक एनडीआरआई करनाल डॉ. धीर सिंह ने कहा कि संस्थान काफी समय से हल्दी वाले देसी घी पर काम कर रहा था। अब इसकी तकनीक तैयार करने के साथ घी भी बना लिया गया है। पशुओं से प्राप्त होने वाले खाद्य पदार्थों की श्रेणी में इसके गुणों को परखा गया है। यह तकनीक शीघ्र किसी कंपनी या उद्यमी को हस्तांतरित की जाएगी। इसके बाद यह हल्दी वाला घी जन सामान्य को उपलब्ध हो जाएगा।
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