मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने तमंचे के बल परभारतीय स्टेट बैंक के सामने
लक्ष्मी पेट्रोल पंप के मैनेजर से दो लाख रुपये से भरा बैग लूटने का
प्रयास किया, लेकिन पेट्रोल पंप मैनेजर के विरोध व आसपास के दुकानदाराें की
बहादुरी के चलते लूट का यह प्रयास विफल हो गया।
ओवरब्रिज की ओर भाग रहे
लुटेरों को पकड़ने के लिए लोगाें ने जैसे ही उनका पीछा किया तो इस दौरान
उनका संतुलन बिगड़ा और वह मोटरसाइकिल से गिर पड़े, लेकिन जल्द ही उन्हाेंने
अपने आपको संभाला और साथ से गुजर रही मोटरसाइकिल सवार के कान पर तमंचा तान
कर उससे मोटरसाइकिल छीन कर फरार हो गए।
जिस मोटरसाइकिल पर लुटेरे फरार हुए
वह मोटरसाइकिल महिंद्रा कंपनी की प्रचार बाइक थी जिस पर भी कोई नंबर प्लेट
नहीं लगी थी। घटना दोपहर बाद करीब तीन बजे की है, जब लक्ष्मी पेट्रोल पंप
का मैनेजर विक्रम दोपहर तक की पेमेंट जो करीब दो लाख रुपये थी उसे जमा
करवाने के लिए पेट्रोल पंप से महज दस कदम की दूरी पर भारतीय स्टेट बैंक में
जा रहा था कि स्टेट बैंक के दरवाजे के ठीक सामने पीछे से आए मोटरसाइकिल पर
सवार तीन युवक मैनेजर से रुपयों से भरा बैग छीनने लगे इस दौरान मैनेजर ने
इसका विरोध किया और पैसे बचाने के लिए वह उनसे भिड़ गए। इस दौरान मैनेजर का
शोर सुनकर आसपास के दुकानदार भी उसके बचाव में दौड़ पड़े अपने को घिरता
देख लुटेरे रुपयों से भरे बैग को वहीं छोड़कर भागने लगे इस दौरान वहां जमा
हुए लोगाें ने हल्ला मचाकर उनका पीछा शुरू कर दिया। लोगों को पीछे आता देख
हड़बड़ाहट में लुटेरों का संतुलन मोटरसाइकिल से छूट गया और वह तीनों गिर
गए, लेकिन संभलकर भाग निकले।
सूचना मिलने के बाद तरावड़ी पुलिस मौके पर
पहुंची और उन्होंने पेट्रोल पंप के मैनेजर विक्रम व जिससे मोटरसाइकिल छीनी
गई बलविंद्र दोनों के बयान दर्ज किए। इसके बाद तरावड़ी थाना प्रभारी नसीब
सिंह ने स्टेट बैंक में लगे सीसीटीवी की मदद से लुटेरों के हुलिए के बारे
में जानने की कोशिश की। थाना प्रभारी के अनुसार जो मोटरसाइकिल लुटेरे
छोड़कर भागे हैं। उसकी जांच की जा रही है कि वह भी चोरी की तो नहीं है।
हो चुकी हैं कई वारदात्र
तरावड़ी
एक बड़ा व्यापारिक शहर है जहां रोजाना करोड़ों रुपयों का कारोबार होता है।
इसी तरह इससे पहले भी मंडी में बैंक से लूटपाट की कोशिश हो चुकी है और कुछ
माह पहले तरावड़ी के डाकघर में से भी लाखों रुपये की लूट हो चुकी है। हर
लूट के बाद जिला पुलिस प्रशासन शहर में ऐसी घटनाएं न हो इसके लिए पुख्ता
प्रबंध करने की बात करती है, लेकिन जैसे घटना को कुछ दिन बीत जाते हैं तो
यह प्रबंध करना पुलिस भूल जाती है।
सीसीटीवी की दरकार
शहर के
प्रमुख चौक पर यदि प्रशासन की योजना के अनुसार सीसीटीवी लगे होते तो आज इन
लुटेरों को पकड़ने काफी आसान हो जाता। शहर चौक पर सीसीटीवी लगाने के लिए
नगरपालिका सचिव व तरावड़ी पुलिस ने कुछ स्थान चिहिन्त भी किए थे, लेकिन यह
सीसीटीवी फाइलों से निकलकर चौकाें पर कब लगेंगे इसके लिए अब कितना इंतजार
करना होगा। जिस तरह इस तरह के कामों में प्रशासन लेटलतीफी कर रहा है। उससे
आम लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।