संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कुरुक्षेत्र में गीता महोत्सव के लिए भेजी गई बसें बुधवार को लौट तो आईं लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। शाम तक बसों की कमी रही। लोगों को गंतव्य पर पहुंचने के लिए बसों की छत पर सफर करना पड़ा। बुजुर्ग और बच्चे अधिक परेशान रहे। लंबू रूट की बसों की कमी ज्यादा रही।
हरियाणा रोडवेज की 100 बसें गीता महोत्सव में भेजी गई थीं। अधिकारियों के अनुसार मंगलवार की देर रात को ही बसें वापस आने लगी थीं। जो बसें दूर सवारियों को छोड़ने गई थीं, वे बुधवार को सुबह तक वापस आ गईं। इन दावों के बावजूद बुधवार की शाम तक स्थिति नहीं बदली। लंबे रूटों पर बसों की कमी रही। ऐसे में बसों में भीड़ अधिक रही। मजबूरी में लोगों को बसों की छत पर भी सफर करना पड़ा। प्राइवेट बसों में वरिष्ठ नागरिक कार्ड भी नहीं चला जिससे बुजुर्गों को फिर से पूरा किराया देना पड़ा।
पैरों में तकलीफ, फिर भी खड़े रहे
डेढ़ घंटे से अपने गांव निसिंग जाने के लिए बस का इंतजार कर रही बुजुर्ग महिला बंतो देवी ने बताया कि उनके पैरों में तकलीफ है। वह ज्यादा देर खड़ी नहीं रह सकतीं। जब बस मिली तो भीड़ के कारण उन्हें खड़े होकर ही सफर करना पड़ा।
दो घंटे इंतजार के बाद आई बस
निसिंग गांव के विराज कुमार ने बताया कि उन्हें दिल्ली जाना है। बसों की कमी के चलते दो घंटे से इंतजार कर रहे हैं। तभी एक रोडवेज बस आ गई। बस के आते ही यात्रियों की भीड़ टूट पड़ी। भीड़ के कारण वह बस में चढ़ नहीं पाए।
जान जोखिम में डालकर सफर
हेमदा गांव निवासी प्रताप सिंह ने बताया कि बसों में जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। वह जिस बस से आए उसमें भीड़ अधिक होने से कई लोग दरवाजे से लटके हुए थे। ऐसे में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।
आम जनता की नहीं है फिक्र
करनाल निवासी सुमित अरोड़ा ने बताया कि डेढ़ घंटे से वह बस अड्डे पर बस का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें चंडीगढ़ जाना है। बच्चा भी साथ है। ओवरलोड बस में सफर नहीं कर सकते। बसों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
बुधवार को सभी बसें सामान्य ड्यूटी पर लौट आईं। वीरवार से किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। मंगलवार को 100 बसें कुरुक्षेत्र के लिए आरक्षित थीं। - कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज