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Karnal News: लड़खड़ाई परिवहन व्यवस्था, यात्री परेशान

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। पंजाब के शंभू और खनौरी बाॅर्डर पर आंदोलनरत किसानों के पंजाब बंद के आह्वान से हरियाणा की करनाल सहित कई रेलवे स्टेशनों पर यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई। इससे उत्तर रेलवे ने 18 ट्रेन रद्द होने, रोडवेज के पंजाब वाले 12 रूट प्रभावित होने से कर्णनगरी से आवागमन करने वाले करीब 20 हजार से अधिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आलम ये रहा कि बस स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन तक यात्री भटकते रहे तो कुछ इंतजार करते मिले। कुछ लोगों ने प्राइवेट साधनों का सहारा लिया तो कुछ अपने घरों को लौट गए। ट्रेनों के रद्द होने का असर दैनिक यात्रियों पर सर्वाधिक देखने को मिला। वहीं, जिन बसों को रूट डायवर्ट कर चंडीगढ़ तक चलाया गया था उन्हें अपने गंतव्य पहुंचने में एक से डेढ़ घंटे का अतिरिक्त समय लगा।
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रेलवे और रोडवेज पदाधिकारियों का मानना है कि हजारों लोग इस बंद की वजह से परेशान हुए हैं। हालांकि बंद के बाद से ही यातायात को पटरी पर लाने की कोशिश रहेगी। इसमें ट्रेनों के परिचालन से लेकर बसों को निर्धारित रूटों पर भेजने का काम शुरू हो पाएगा।
पंजाब में किसानों का ये बंद सोमवार सुबह सात से शाम चार बजे तक रहा। इस नौ घंटे तक करनाल जिले के लोगों के लिए पंजाब की ओर जाने की परिवहन व्यवस्था ठप हो गई। रेलवे स्टेशन पर यात्री विश्राम गृह के बाहर इंतजार करते दिखे तो कुछ परिसर के अंदर दिखे। इनके अलावा कुछ ठंड के मौसम में शेड के नीचे कुर्सियों पर बैठे रहे।
सबसे ज्यादा परेशानी ट्रेन से लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को रही। उन्होंने एडवांस में अपनी टिकटों की बुकिंग तक करवाई थी। ऐसे यात्री अपने ट्रेन के इंतजार में परिवार समेत स्टेशन के इर्द गिर्द ही घूमते दिखाई दिए। बार बार रेलवे की इंक्वायरी खिड़की पर ट्रेनों के परिचालन की पूछताछ जारी रही। वहीं, काफी लोगों ने अपने टिकट तक कैंसल कराए।
बस में चंडीगढ़ के आगे परेशानी, यात्रा की रद्द
नए और पुराने बस स्टैंड पर पंजाब को जाने वाले यात्रियों को जब पता चला कि पंजाब बंद होने से 12 बसों के रूट डायवर्ट किए गए हैं। ये बसें चंडीगढ़ तक ही जा ही हैं। इससे आगे पंजाब में प्रवेश करने की व्यवस्था नहीं है तो यात्री वापस हो गए। रेलवे पूछताछ केंद्र ने भी यात्रियों को बताया कि रोडवेज बसें केवल चंडीगढ़ तक जाएंगी। पंजाब में नौ घंटे तक प्रवेश नहीं हो सकेगा। इसकी वजह से पंजाब जाने वाली यात्रियों की संख्या भी घटने लगी। जिसकी वजह से कुछ बसों का परिचालन तक नहीं हो सका।
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निजी चालकों की रही चांदी
करनाल रेलवे स्टेशन से लेकर नए और पुराने बस स्टैंड पर पंजाब को जाने के लिए प्राइवेट वाहन लिए चालक तैयार दिखाई दिए। इसके लिए कुछ ने आपातकालीन सेवाओं के कार्ड तक बनवाए थे। ये प्राइवेट चालक लोगों को पंजाब पहुंचाने के दावे कर रहे थे। जिसके लिए वे आम किराए से ज्यादा मांग रहे थे। प्राइवेट वाहन चालकों का कहना था कि वे पंजाब में मुख्य रास्ते की बजाए पंजाब के ग्रामीण अंचल के रास्तों से उन्हें गंतव्य तक पहुंचा देंगे। वहीं, एक एक टैक्सी का किराया पांच से आठ हजार रुपये तक बताया जा रहा था।
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