माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अब शहर में वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग और अवैध कब्जों को रोकने, इनमें पारदर्शिता लाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से लाए गए नए कानून का सीधा असर करनाल की करीब सवा सात सौ वक्फ संपत्तियों पर भी पड़ेगा। इससे वक्फ सरकारी संपत्तियों पर सीधा दावा नहीं कर सकेगा।
ऐतिहासिक स्मारकों और सार्वजनिक स्थलों को वक्फ से मुक्त करने का रास्ता साफ हो सकता है। इनके सर्वे का अधिकार भी कलेक्टर को रहेगा। वक्फ को अपनी संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड छह माह के भीतर ऑनलाइन करना होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लग सके। हालांकि अधिकारी फिलहाल वक्फ के नए कानून के नियमों से अनभिज्ञ हैं।
जिले समेत पुराने शहर के बाजारों में वक्फ की सैकड़ोंं संपत्तियां हैं, जिनमें दुकानें और रिहायशी मकान से लेकर खाली जमीन तक शामिल हैं। इनको लीज पर देकर वक्फ कमाई भी करता है। जिसका उपयोग कल्याणकारी कार्याें के लिए किया जाता है। कई स्थानों निजी व्यक्तियों द्वारा इन संपत्तियों पर कब्जा भी कर लिया जाता है।
नए कानून के तहत इन संपत्तियों की स्थिति स्पष्ट होगी। इस विषय पर वक्फ बोर्ड के संपदा अधिकारी फारूख का कहना है कि अभी वक्फ विधेयक की पूरी जानकारी नहीं है। कानून बनने के बाद देखा जाएगा कि इसमें क्या क्या बदलाव हो सकता है।