संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। खेतों में लगाए ट्रांसफार्मरों का सामान चोरी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को डिटेक्टिव स्टाफ ने काबू किया है। इन आरोपियों ने कुंजपुरा व इंद्री क्षेत्र में 187 वारदातों को अंजाम देने का खुलासा किया है। आरोपियों से पुलिस ने 250 किलो तांबा क्वाइल व लोहा पत्ती, एक देसी पिस्तौल व तीन बाइक बरामद की हैं।
डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज निरीक्षक हरजिंद्र सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर का सामान चोरी करने की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए एएसआई देवेंद्र सिंह व एएसआई गुरमीत सिंह की अध्यक्षता में टीमों द्वारा 18 जून को एक गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिसमें आरोपी बिलाल निवासी गांव मौडी जठलाना जिला यमुनानगर, ताहिर निवासी गांव शाहजहांपुर थाना किटोर जिला मेरठ उत्तर प्रदेश, वसीम अकरम निवासी दौलतपुर थाना गंगोह जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश व अमजद उर्फ बग्गी निवासी छोटा बांस थाना रादौर हाल मौडी जठलाना जिला यमुनानगर को 18 जून की रात को थाना इंद्री के गांव अंशू माजरा के एरिया से चोरी की वारदात के अंजाम देते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों को 19 जून को अदालत में पेश किया गया और आरोपी फिलहाल विभिन्न मामलों में पुलिस रिमांड पर चल रहे थे। आरोपियों से थाना इंद्री व कुंजपुरा एरिया से 187 वारदातों को अंजाम का खुलासा हुआ है।
दिन में करते थे रेकी, तांबा क्वाइल वाले ट्रांसफार्मरों को बनाते थे निशाना
रिमांड के दौरान आरोपियों से खुलासा किया कि वे ट्रांसफार्मर चोरी की वारदातों को अंजाम देने से पहले दिन में मोटरसाइकिल पर रैकी करते थे। रैकी करने के दौरान तांबा क्वाइल वाले ट्रांसफार्मरों को ही चिन्हित करते थे। जिसके बाद रात को अवैध हथियार के साथ आकर खंभे से ट्रांसफार्मर को नीचे गिरा उसमें से तांबा क्वाइल व लोहे की पत्तियों को कट्टों में भरकर मोटरसाइकिलों पर फरार हो जाते थे। आरोपी हमेशा इन वारदातों को रात 11 बजे से तीन बजे के दौरान अंजाम देते थे। ट्रांसफार्मर चोरी करने के बाद वे अपने-अपने ठिकानों पर पहुंच जाते थे। आरोपी चोरी करने के बाद हमेशा ठिकाने बदलते थे। जिसके बाद तांबा क्वाइल को सस्ते में कबाड़ी को बेचकर उन रुपयों से नशा और अपने घर का खर्च चलाते थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने इन वारदातों को अक्टूबर 2021 से जून 2022 के दौरान अंजाम दिया था। आरोपियों का नौ सदस्यों का गिरोह है, जिसमें से पांच आरोपी फरार चल रहे हैं। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियोें के परिवार के सदस्य भी इन वारदातों को अंजाम देते थे और वे भी जेल में कई बार सजा काट चुके हैं। डिटेक्टिव स्टाफ की टीम ने मार्च 2022 में भी ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले एक गिरोह को गिरफ्तार किया था। जिनसे 338 वारदातों को अंजाम का खुलासा हुआ था। उस गिरोह के सदस्य भी आरोपियों की पहचान के थे।