जुंडला। पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण में शनिवार को प्रशिक्षणार्थियों को डेयरी फार्मिंग और वर्मी कंपोस्ट खाद के विषय में जानकारी दी गई। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के अध्यक्ष हरीश खरबंदा ने युवाओं से कहा कि आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को सार्थक तभी किया जा सकता है, जब सभी युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें।
उन्होंने कहा कि आज के हालात को देखते हुए हर व्यक्ति को अपना जीवन स्तर सुधारने के लिए आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है। आत्मनिर्भर बनने के लिए युवाओं को अपने अंदर छिपी प्रतिभा को पहचान कर अपना लक्ष्य प्राप्त करना चाहिए। प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी भी दी जाती है। संकाय नीलम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर लोग डेयरी फार्मिंग करते हैं जिससे उनको दुधारू पशुओं को पालने व उनके बारे में जानकारी जरूरी है। वहीं वर्मी कम्पोस्ट खाद केंचुओं द्वारा कार्बनिक पदार्थों को विघटित करके बनाई जाती है जो कि जैविक खाद होती है। संवाद