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दिल्ली व अंबाला की राहों में भटक रहे सरयु-यमुना शहीद एक्सप्रेस के यात्री

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सरयु-यमुना शहीद एक्सप्रेस ट्रेन का मार्ग परिवर्तित करने के रेलवे के फैसले पर स्थानीय रेल यात्री संघ ने विभाग से आरटीआई के मार्फत कारण की जानकारी मांगी है। यात्रियों का कहना है कि उत्तर रेलवे के जवाब से वह संतुष्ट नहीं हैं। जो कारण पूछे गए उनका जवाब नहीं दिया गया। रेलवे का कहना है कि दो ट्रेन दिल्ली से जयनगर मार्ग पर चल रही हैं। वहीं दिल्ली में ट्रैक पर क्षमता से अधिक ट्रेनें भी कारण बताया है। उत्तर रेलवे ने एक दिसंबर 2020 से अमृतसर से दरभंगा सरयु-यमुना शहीद एक्सप्रेस-14674 ट्रेन का मार्ग अंबाला से वाया सहारनपुर से परिवर्तित कर दिया था। जिस कारण करनाल से बिहार व अयोध्या जाने के लिए एकमात्र ट्रेन भी नहीं रही। रेल यात्री संघ के पदाधिकारी हितेश श्रीवास्तव ने कहा कि सरयू-यमुना शहीद एक्सप्रेस ट्रेन में 9 डिब्बे स्लिपर क्लास व 3 डिब्बे एसी क्लास के हैं। दोनों आरक्षित श्रेणी के डिब्बे हैं। एक डिब्बे में 74 सीट होती हैं। इस ट्रेन के 9 में से छह डिब्बे हरियाणा के करनाल, पानीपत, सोनीपत व दिल्ली से भरते थे। ट्रेन में कुल 648 सीट हैं।
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छह डिब्बों में आते थे करीब 432 यात्री हरियाणा व दिल्ली से भरने वाले छह डिब्बों में करीब 432 यात्री इस ट्रेन की यात्रा का लाभ लेते थे। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि यात्रियों को कितनी परेशानी हो रही है। सवाल यह है कि अब ये यात्री कहां जाएं। वहीं इस रूट के यात्री यदि दूसरी ट्रेन में दिल्ली जाकर समायोजित होंगे तो उन ट्रेन पर भी यात्रियों का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। करनाल से टिकट लेकर यात्रियों को अंबाला से ट्रेन पकड़नी पड़ती है। उन्हें अंबाला तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। हितेष श्रीवास्तव ने कहा कि यात्री संघ की ओर से स्थानीय सांसद संजय भाटिया को पत्र भेजकर इस ट्रेन के पुन: करनाल-दिल्ली रूट पर संचालन की मांग की जाएगी। रेलवे से मिले जवाब से स्थानीय यात्री संतुष्ट नहीं हैं।
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