कुछ रोज पूर्व दिनदहाड़े हुई जौहरी की हत्या के बाद असंध बाजार में कारोबार करने वाले व्यापारी अब भी दहशत में हैं। उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है तो पुलिस से व्यापारियों का भरोसा उठ गया है।
ऐसे में व्यापारियों ने खुद ही सुरक्षा का बीड़ा उठा लिया है। इन मुद्दों पर मंगलवार को थाना परिसर में पुलिस और व्यापारियों की समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में डीएसपी श्यामलाल कौशिक ने कैथल से बुलाए काउंसिलरों की मदद से व्यापारियों को सुरक्षा के तरीके सुझाए।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे डीएसपी श्यामलाल कौशिक ने कहा कि व्यापारी वर्ग को किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए स्वयं भी सतर्क होने की आवश्यकता है। हमेशा पुलिस का इंतजार करने के बजाय ऐसी अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए व्यापारियों को भी आगे आना चाहिए। इसके लिए अपनी दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड व चौकसी कमेटियों का गठन करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
थाना प्रभारी रामकुमार, संदीप चहल व कैथल से आई पुलिस की विशेष टीम ने व्यापारियों को बचाव व दुर्घटना के बाद प्रतिक्रिया के गुर सिखाए। उधर, हत्याकांड के बाद सोमवार देर रात व्यापारी समन्वय समिति के संयोजक डॉ. देवराज सिंगला की अगुवाई में बैठक का आयोजन किया गया। सिंगला ने कहा कि असंध शुरू से है शांतिप्रिय इलाका रहा है और हाल ही में व्यापारियों पर किए गए जानलेवा हमले इलाके की शांति को बिगाड़ नहीं सकते।
नगर में बढ़ रही व्यापारियों पर हमले की घटनाओं के संदर्भ में नगर के सैकड़ों व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था में नागरिकों की भूमिका पर विचार विमर्श किया। गुरलाल सिंह रत्तक, रिछपाल राणा, गुलाबराय ढींगरा व डॉ. दीपक छाबड़ा ने कहा कि व्यापारी वर्ग को एकजुट होने की आवश्यकता है।
यदि कोई शरारती तत्व किसी व्यापारी के साथ गलत हरकत करता है तो सभी व्यापारी एकजुट होकर उस शरारती तत्व का विरोध करें। व्यापारियों ने एक सुरक्षा समिति का गठन करने का निर्णय लिया और इस कमेटी के गठन की जिम्मेदारी डॉ. देवराज सिंगला, नरेश मेहता, सुशील गर्ग, रमेश बत्रा व डॉ. बूटिराम गर्ग को दी गई। सिंगला ने कहा कि नगर के मुख्य चौक चौराहों पर सीसीटीवी लगाने के लिए सहमति बनाई जाएगी और साथ ही बाजारों में निजी सुरक्षा गार्डों की तैनाती व चौकीदारों की संख्या में बढ़ोतरी का भी निर्णय लिया गया।
योगेंद्र राणा ने कहा कि व्यापारी अपना कैश लेकर घर से निकलने से पूर्व समय का ध्यान रखें। देर रात या सुबह जल्दी जाने के दौरान कैश का बैग लेकर न जाएं। यदि व्यापारी एकजुट होंगे तो ही असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सकती है। बैठक में विकास कुकरेजा, सुभाष मान, डॉ. गुरमुख सिंह, रामनिवास जिंदल, बलदेवराज दुआ, विक्की गुलाटी, बृज टक्कर, डॉ. दीपक छाबड़ा, सुरेश जलमाना, यशपाल राणा, डॉ. वीरेंद्र शर्मा, सुरेश गुप्ता, सुखदेव, सतबीर गोयत मौजूद थे।