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Karnal News: व्यापारी यूपी से सस्ते में ला रहे धान, करनाल में एमएसपी पर बेच रहे

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। बारिश के कारण इस बार किसानों को पहले से धान कम निकलने के कारण प्रति एकड़ करीब आठ से 10 क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा, ऊपर से अभी भी राइस मिलर्स एमएसपी का भाव नहीं लगा रहे हैं। दूसरी ओर कई व्यापारी सक्रिय हो गए हैं, जो उत्तर प्रदेश से सस्ते में धान खरीद कर करनाल की मंडियों में लाकर आढ़तियों की मिलीभगत से एमएसपी पर बेच हैं।
इसी मामले को लेकर भाकियू छढ़नी के मुखिया गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने भी यमुना के पुल पर पहुंचने का एलान किया है। शुक्रवार को भी जिले की मंडियों में 6 लाख 28 हजार 410 क्विंटल की खरीद की गई है, जिससे जिले की खुल खरीद 76 लाख 41 हजार 950 क्विंटल हो गई है। पिछले साल जिले की अनाज मंडियों में पूरी खरीद सीजन में कुल 84 लाख 4 हजार 480 क्विंटल की धान खरीद हुई थी, जबकि इस साल अभी तक ही 76 लाख 41 हजार 950 क्विंटल की खरीद हो चुकी है, जो पिछले साल से सिर्फ 7 लाख 62 हजार 530 क्विंटल कम है। इन दिनों अनाज मंडियों में धान की आवक छह लाख क्विंटल प्रतिदिन से अधिक है, यहीं स्थिति रही तो दो दिन में ही धान की खरीद पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ देगी।
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सलारू के किसान रामचंद्र ने बताया कि वह कल शाम को धान लेकर आया था, धान में नमी भी ठीक थी लेकिन इसके बावजूद किसी राइस मिलर्स ने 2200 रुपये से अधिक धान नहीं खरीदा। आखिरकार धान को इसी रेट पर बेचना पड़ा। किसान ने बताया कि खरीद एजेंसियां मंडी में हैं ही नहीं, सिर्फ राइस मिलर्स आढ़तियों के साथ मिलकर मनमाने तरीके से धान खरीद रहे हैं।
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भाकियू (चढ़नी) के इंद्री हलका अध्यक्ष मनजीत लालर चौगांवा ने बताया कि हरियाणा के आढ़तियों और राइस मिलर्स के साथ मिलकर कई व्यापारी यूपी से 1600 व 1700 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदकर हरियाणा की कई मंडियों में ला रहे हैं, जिसे यहां के अपने रिश्तेदारों या चहेते किसानों के नाम पर गेटपास लेकर एमएसपी से बेच रहे हैं, इसलिए मंडियां फुल लग रही हैं। इसी मामले को लेकर यूनियन के मुखिया गुरनाम सिंह चढ़ूनी शनिवार को सुबह करीब 11 बजे यमुना पुल मगंलौरा के पास किसानों के साथ पहुंचेंगे।
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