ट्रेड यूनियनों के सैकड़ों कर्मचारियों ने मांगों को लेकर रविवार को करनाल
में हुुंकार भरी। करनाल के मानव सेवा संघ के हॉल में कर्मचारियों ने सरकार
के खिलाफ गुबार निकाला और कर्मचारी विरोधी सरकार बताया।
दोपहर बाद सीएम
मनोहर लाल खट्टर के कार्यालय पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
सौंपने पहुंचे। कार्यालय से पहले अंबेडकर चौक के समीप भारी संख्या में
तैनात पुलिस बल ने बैरिकेड्स लगाकर कर्मचारियों का रास्ता रोक लिया। इस पर
कर्मचारी भड़क गए और रास्ता रोकना गलत बताया।
इस दौरान सरकार पर तानाशाही
के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इंद्री के एसडीएम अश्विनी मलिक ने समझाया
कि यह बैरिकेड्स रूटीन में लगे हैं। इस पर कर्मचारी शांत हुए और एसडीएम को
ज्ञापन सौंपकर लौट गए। कर्ण पार्क से विरोध जताते हुए अंबेडकर चौक तक
पहुंचे और जाम की स्थिति बन गई।
एक दर्जन यूनियनों के सैकड़ों कर्मचारी
मांगों को लेकर लामबंद हुए। सुबह साढ़े 11 बजे कर्मचारी मानव सेवा संघ में
एकत्रित होना शुरू हो गए थे। करीब तीन घंटे तक चले विचार-विमर्श के दौरान
कर्मचारियों व मजदूरों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली।
एटक के प्रदेश महासचिव बेचू गिरी ने कहा कि कर्मचारियों को जो अधिकार आजादी
से पूर्व प्राप्त हुए थे उनमें तब्दीली करने का जो फैसला किया गया है, वह
कर्मचारी व मजदूर विरोधी हैं। इसको किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
इस मामले को लेकर सभी ट्रेड यूनियनों ने दो सितंबर को देश में हड़ताल करने
का निर्णय लिया है।
पुलिस ने रास्ते किए बंद
ट्रेड यूनियनों के
गुस्से को देखते हुए पुलिस ने सीएम कैंप ऑफिस की ओर जाने वाले रास्ते को
बंद कर दिया। हालांकि रास्ते को तब बंद किया गया जब पता चला कि कर्मचारी
मानव सेवा संघ से ज्ञापन देने के लिए सीएम कैंप ऑफिस की तरफ बढ़ रहे हैं।
कर्मचारी सरकार विरोधी नारे लगाते हुए माल रोड पहुंचे। रास्ते में पुलिस ने
कर्मचारियों को रोक लिया। करीब आधा घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान
कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली। किसी अनहोनी घटना से निपटने
के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
कर्मचारी नेताओं ने भरा जोश
कर्मचारियों
को इंटक से अमित यादव, एटक से बेचु गिरी, एआईयूटीयूसी से हरिप्रकाश,
हरियाणा मजदूर संघ से सुरेंद्र सिंह, सीटू से सतबीर सिंह, सर्वकर्मचारी संघ
से सुभाष लांबा, हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच से आरके नागर के अतिरिक्त,
महिंद्र सिंह नरवाल, बल सिंह, बलराज सिंह, कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह,
सिंगश्ेश्वर ने संबोधित किया।
कर्मचारियों न गिनवाई मांगें
ज्ञापन
के माध्यम से कहा गया है कि बोनस की सीलिंग समाप्त की जाए, महिला
कर्मचारियों से रात्रि की ड्यूटी पर पाबंदी लगाई जाए, श्रम कानूनों की
सख्ती से पालना हो, न्यूनतम वेतन तुरंत रिवाइज किया जाए, ठेका प्रथा बंद
हो, एफडीआई पर रोक लगाई जाए, खाली पड़े पदों पर स्थायी भर्ती हो, अनुबंध के
आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया जाए। 45 दिन में यूनियन
रजिस्ट्रेशन की गारंटी निश्चित की जाए, वेतनमान पंजाब के समान दिया जाए।
कर्मचारियों का कहना है कि औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947, ट्रेड यूनियन एक्ट
1926 तथा स्टैंडिंग आर्डर एक्ट 1946 में किसी भी प्रकार का बदलाव सहन नहीं
किया जाएगा। ठेका प्रथा को बंद करने का भी आह्वान किया। सार्वजनिक क्षेत्र
बैंकिंग, रेलवे, रक्षा व कोयला आदि के विनिवेश और एफडीआई पर रोक लगाई जाए।