दुराचार के मामले में आठ साल की सजा काट रहे एक कैदी पर रविवार को जेल के
अंदर अन्य बंदियों ने हमला कर दिया। नुकीले हथियार से कैदी पर तीन वार किए
और इससे वह घायल हो गया।
जेल के अंदर इस तरह हमले से जेल प्रशासन की
सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। इससे पहले भी करनाल जेल में हमले हुए
हैं और इसकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जींद जिले के बराह
गांव वासी अशोक आठ साल की कैद में बंद है। रविवार को अंदर जेल में किसी
बात को लेकर अन्य बंदियों के साथ झगड़ा हो गया। झगड़े के बाद जेल प्रशासन
में अफरातफरी मच गई।
शाम तक जेल एसपी ने मीडिया से किसी प्रकार की बात नहीं
की। जेल में झगड़े के बाद पुलिस कर्मचारियों ने उसे जेल अस्पताल में दाखिल
किया, जहां से उसे कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रेफर
कर दिया। अस्पताल में इलाज करवाने के बाद घायल कैदी को वापस जेल अस्पताल
में ले गए।
जेल के अंदर तेजधार हथियार या नुकीली चीज कैसे पहुंची और किसी
लापरवाही है, सहित अनेक सवालों से जेल के अंदर की लापरवाही सामने आ गई है।
इससे पहले भी सेक्टर-16 वासी युवक को भी जेल में गंभीर चोटें पहुंचाई थीं।
इसमें युवक की मौत हो गई थी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक के शरीर पर 19
जगह चोट के निशान आए थे। इस पर जेल के छह कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया
था। अब अशोक पर किए गए हमले से एक बार सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ गए
हैं। घायल कैदी अशोक के बारे में अस्पताल में ड्यूटी पर कार्यरत डॉक्टर
पियूष गर्ग ने बताया कि कैदी अशोक के शरीर के तीन जगह चोटें लगी हैं। अशोक
के चेहरे पर दो जगह चोट लगी और एक चोट हाथ पर है। अशोक पर तेजधार हथियार से
वार किया हुआ है। प्राथमिक उपचार के बाद घायल अशोक को वापस ले गए।