माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नई अनाज मंडी में फर्जी गेट पास जारी करने के खुलासे और धान खरीद प्रक्रिया पर लगी रोक से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। जिले की सभी प्रमुख मंडियां फिलहाल बंद हैं और किसानों को मंडियों के बाहर ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में धान लादे घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मंडी के मुख्य गेटों पर पुलिस का सुरक्षा घेरा बनाया गया है ताकि किसी भी तरह की अफरा-तफरी या अव्यवस्था न हो।
तरावड़ी, घरौंडा, नीलोखेड़ी की तरह करनाल अनाज मंडी के बाहर भी रविवार को किसान अपनी ट्रॉलियों में भरा धान लेकर खड़े रहे। किसानों का कहना है कि उन्हें मंडियों में जाने से रोक दिया गया है। किसानों का कहना कि उनका धान तीन दिन से ट्रॉली में लदा है। मंडी बंद होने के कारण धान खराब होने का डर है। अगर जल्दी खरीद शुरू नहीं हुई तो हमें भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
दूसरी ओर मंडी में बाहर का धान आ चुका है। जिसके फर्जी गेट पास बनाए जाने का मामला भी सामने आ चुका है। अब अगर सरकार की एजेंसियों की खरीद का कोटा पूरा होता है तो ये किसानों के लिए बड़ी मार होगी। अब सोमवार को मंडी खुलने के आसार बने हैं। ऐसे में संभावना है कि सोमवार सुबह से ही मंडियों में किसानों की लंबी कतारें लग जाएंगी। फिलहाल मंडियों के बाहर किसानों को मंडी खुलने की सूचना देने के लिए स्थानीय प्रशासन और मार्केट कमेटी के कर्मचारी तैनात हैं। किसानों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंडी गेटों पर पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। किसी भी किसान को बिना अनुमति मंडी परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कदम सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान : बहादुर मेहला
भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मेहला ने कहा कि जिले की मंडियों में किसानों के हालात पर चिंता जाहिर की है। किसान सुबह से रात तक मंडी में रहता है, लेकिन उसका धान खरीदा नहीं जाता। किसान को मजबूर किया जा रहा है कि वह अपनी फसल औने पौने दामों में बेचकर लौट जाए। पांच दिन मंडी बंद रही, लेकिन आढ़तियों की ओर से किसानों को इसकी सूचना नहीं दी गई। मार्केट कमेटी, खाद्य आपूर्ति विभाग और सरकारी खरीद एजेंसियों के अधिकारी किसानों के साथ बड़ी धोखाधड़ी कर रहे हैं। किसान परेशान हो रहा है और प्रशासन अनजान बनने का ढोंग कर रहा है। गेहूं बिजाई 1 नवंबर से शुरू होनी है लेकिन किसान अभी तक धान की फसल नहीं बेच सका है। पराली जलाने को लेकर सरकार किसानों को चेतावनी देती है। केस दर्ज कर जुर्माना लगाया जाता है।
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गेट पास प्रक्रिया बनी परेशानी, सड़कों पर लगा जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। अनाज मंडी में जाने वाली सड़कों पर रविवार को जाम की स्थिति बनी रही। मंडी में धान की खरीद बंद रहने के बावजूद बड़ी संख्या में किसान फसल लेकर पहुंचे, जिससे सड़कों पर कई किलोमीटर जाम लग गया। सुबह से ट्रकों और ट्रालियों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालात ऐसे बने कि आमजन के वाहन भी जाम में फंसे रहे। मंडी के अंदर प्रवेश को लेकर सबसे बड़ी परेशानी गेट पास प्रक्रिया बनी रही।
धीमी गति से उठान होने के कारण मंडी धान के बोरों से भरी थी मंडी में आने जाने के तमाम रास्ते बंद हो गए थे जिसकी वजह से दो दिन मंडी बंद रखने का एलान किया था ताकि दो दिन में उठान होने से मंडी में रास्ते खुल जाएंगे। रविवार को किसान फसल लेकर आए तो गेटपास नहीं कट पाए। तरावड़ी मंडी एसोसिएशन के प्रधान सुभाष गुप्ता ने किसानों से अपील की है कि वे फसल को मंडी में लाने से पहले गेट पास अवश्य कटवाएं, ताकि अनावश्यक जाम और भीड़भाड़ से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि पुलिस व प्रशासन के कर्मचारी व्यवस्था संभालने में जुटे हुए हैं।
9.60 लाख एमटी धान की आवक
करनाल। जिले की विभिन्न मंडियों में अब तक 9 लाख 60 हजार 923 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। जिसमें से 816068 मीट्रिक टन धान का उठान कर लिया गया है, जो कुल खरीद का 85 प्रतिशत है। अभी मंडियों में 144855 एमटी धान पड़ा हुआ है। रविवार को जिलेभर की मंडियों में सिर्फ 1403 एमटी धान की खरीद की गई है।