मंगलवार की आधी रात को 1000 व 500 रुपये के नोटों के बंद करने की घोषणा के बाद बसताड़ा टोल प्लाजा पर वाहन चालकों के लिए बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई। वाहन चालक टोल कर्मियों को 500 व 1000 रुपये का नोट थमा रहे थे, लेकिन टोलकर्मियों ने उन नोटों को लेने से इंकार कर दिया। इससे वाहन चालकों और टोल कर्मियों के बीच बहस शुरू हो गई। वाहनों की लंबी कतारें लगने से अफरा तफरी का माहौल दिखाई दिया। टोल को सुचारू रखने के लिए सुरक्षाकर्मियों व टोल अधिकारियों को कई बार टोल फ्री करना पड़ा। वाहन चालकों ने टोल कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप भी लगाया है।
टोल टैक्स पर खड़े वाहन चालकों का कहना है कि आधी रात को ही नोटों का चलन बंद हो गया है और उनके पास बड़े नोट ही है। यदि छोटे नोट देते है तो टोल सुरक्षाकर्मी उन्हें आगे जाने ही नहीं देते। जिससे उन्हें घंटों तक मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं जब टोल कर्मियों को 500 रुपये का नोट दिया जाता है तो ये छोटे नोटों की मांग कर रहे है और जब कोई हंगामा करता है तो उससे 500 रुपये का नोट लेकर उसको छूटे पैसे देकर रवाना कर देते है। अब हम छोटे नोट कहां से लेकर आए?
पर्ची पर लिख देते हैं बकाया रुपये
वाहन चालकों का कहना है कि टोल कंप्यूटर ऑपरेटर 500 या 1000 रुपये का नोट लेने के बाद पर्ची काटकर दे देते है और पर्ची के ऊपर ही बकाया रुपये लिख देते है। जिनको लेने के लिए उनको कई घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।
वाहनों की करवाई है फ्री पासिंग : मैनेजर
टोल प्लाजा के मैनेजर कैलाश शर्मा ने बताया कि टोल कर्मी 500 व 1000 रुपये के नोट स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन हर व्यक्ति बड़े नोट ही दे रहा है और बैंक बंद होने के कारण मनी बैकअप प्रॉब्लम आ रही है। उन्होंने बताया कि वाहनों की लंबी लाइनें लगने के बाद उनकी फ्री पासिंग भी करवाई गई है, ताकि स्थिति को संभाला जा सके। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों के अनुसार बुधवार आधी रात तक ही नोटों को स्वीकार किया जाएगा, उसके बाद जो भी दिशानिर्देश जारी होते है उनके अनुसार कार्य किया जाएगा।