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सड़क और नाले के निर्माण में देरी के विरोध में बवाल

Thu, 14 Nov 2013 10:24 PM IST
करनाल
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करनाल के सेक्टर-6 से फूसगढ़ रोड की सड़क के निर्माण में हो रही देरी के विरोध में क्षेत्रवासियों ने जमकर बवाल काटा और मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम करीब आधा घंटा लगा रहा।
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इस दौरान इन लोगों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वार्ड पांच की महिला पार्षद ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही नाला और सड़क नहीं बनी तो दोबारा जाम लगाया जाएगा।

वीरवार सुबह करीब 10 बजे गांव फूसगढ़, विकास नगर, राजीवपुरम के लोगों ने गली नंबर तीन के पास रोड की बदहाली के विरोध में जमकर नारेबाजी की और जाम लगा दिया। जाम के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
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प्रदर्शनकारी ईश्वर राणा, रामप्रकाश शर्मा, ईश्वर आर्य, डीके मिगलानी, दिनेश बख्शी, सुरेंद्र कुमार, सुदर्शन शर्मा, दीपक, प्रकाश अरोड़ा, विनोद, सुनील, प्रेम बंसल, कपिल भाटिया, विनोद, रणबीर, बलविंदर सिंह ने बताया कि पिछले नौ वर्षों से फूसगढ़ रोड टूटा हुआ है।

इस मार्ग पर बडे़-बडे़ गड्ढे बने हुए हैं। करीब चार माह पूर्व विधायक सुमिता सिंह ने सड़क और नाला निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था। चार महीने के लंबे समय में नाला निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है। सड़क पर गुजरने वाले लोगों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके लिए कई बार उच्चाधिकारियों से भी गुहार लगाई गई, परंतु कोई हल नहीं निकला।

लोगों ने चेतावनी दी कि जल्द नाला और सड़क निर्माण का कार्य तेजी से शुरू नहीं हुआ तो लोग आंदोलन को मजबूर होंगे और दोबारा जाम लगाया जाएगा। वार्ड पांच की महिला पार्षद कमलेश लाठर ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि इस संबंध में जिले के उच्चाधिकारियों और विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।

यदि जल्द ही यह नाला और सड़क नहीं बनाई गई तो वे भी आंदोलन में शामिल हाेंगे। इसके बाद जाम खोला गया। नाला और सड़क बनाने वाले ठेकेदार रविंद्र मलिक ने बताया कि नाला निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा था, परंतु गांव फूसगढ़ के लोगों ने नाला निर्माण कार्य रुकवा दिया।

लोगों का कहना है कि कॉलोनियों का  पानी गांव के नाले में नहीं डालने देंगे। जहां तक नाला बनाया गया है, वहां पर 15 दिन में सड़क बना दी जाएगी।

प्लॉट के विवाद में दो पक्ष आमने-सामने
निसिंग के गांव सिंघड़ा में बीपीएल के प्लॉटों पर कब्जे का मामला तूल पकड़ गया है। वीरवार सुबह ही बीपीएल और प्रभावी लोग जमीन के अपने मालिकाना हक के लिए आमने-सामने हो गए। मामला भड़कने से पहले ही थाना निसिंग पुलिस के मौके पर पहुंचने से दोनों पक्षों के बीच बड़ा विवाद टल गया।

पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को थाने बुलाया। बीपीएल पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस पूरा मामला नोटिस में लाए जाने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। पुलिस दूसरे पक्ष के हक में कार्रवाई कर रही है। उधर, दूसरे पक्ष के लोगों के अनुसार उन लोगों के पास हाईकोर्ट का स्टे है।

इसके आधार पर ही वे लोग जमीन में ट्रैक्टर चला रहे हैं। बीपीएल धारक राजकुमार, राजेश, बलराज, अनिल, जयपाल, नाथूराम, पवन कुमार समेत अन्य ने कहा कि गांव की पंचायती जमीन में उन लोगों को 100-100 गज के तीन सौ प्लॉट काटकर दिए गए हैं।

इसके लिए सरकार की ओर से अलॉटमेंट पत्र भी दिया गया था। इसके बावजूद दूसरे पक्ष के प्रभावी लोग पुलिस से मिलीभगत कर उन लोगों के प्लॉटों की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन लोगों ने सुबह ही जमीन में गेहूं की बिजाई करने के लिए ट्रैक्टर चलाया है। इसका जब विरोध किया तो पुलिस मौके पर पहुंची अन्यथा यह मामला बडे़ विवाद का रूप भी ले सकता था।

उधर, दूसरे पक्ष के बलकार और मलूक सिंह ने कहा कि वे लोग कब्जा करने नहीं गए। राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार उन लोगों की जमीन भी इन प्लॉटों के  पास लगती है। उन लोगों के पास हाईकोर्ट से स्टे है।

बताया गया कि ग्राम पंचायत सिंघड़ा की ओर से 2011 में योजना के तहत बीपीएल कार्ड धारक करीब तीन सौ ग्रामीणों के प्लॉट काटे गए थे, जिसकी डीड उन्हें अलॉट कर दी गई थी। पिलहाल दोनों पक्षों के बीच तनाव बना है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुबह मामला झगडे़ के तौर पर बदलने से बचा लिया।

दो लोगों ने किया कब्जे का प्रयास
गांव सिंघड़ा के सरपंच संजय कुमार का कहना है कि ग्राम पंचायत की ओर से 9 एकड़ जमीन में प्लॉट काटे गए थे। इन पर गांव के दो लोगों ने कब्जा करने का प्रयास किया। मामले की भनक लगते ही सैकड़ों लोग थाना परिसर में भी पहुंचे।

दोनों पक्षों ने रखा अपना पक्ष
दोनों पक्षों के बीच जमीन का विवाद है। पूरा मामला सामने आया है। दोनों पक्षों के लोगों ने अपनी-अपनी बात रखी है। राजस्व विभाग से जमीन की निशानदेही या पैमाइश कराई जाएगी।
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इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर आगामी कार्रवाई की जाएगी। किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
जगदीश मोर, थाना प्रभारी, निसिंग 
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