फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूरा दिन जाम रहा रोडवेज का चक्का, भटकते रहे यात्री

Thu, 14 Nov 2013 10:19 PM IST
करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल में रोडवेज कर्मियों ने दूसरे दिन भी करनाल में चक्का पूरी तरह जाम रखा। दिनभर कर्मी सरकार के खिलाफ गरजते रहे। पूरा दिन सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। करनाल डिपो के करीब सात सौ से अधिक कर्मचारी पूरा दिन काम छोड़ हड़ताल पर रहे।
विज्ञापन


तालमेल कमेटी के नेताओं ने दिन भी मुख्यमंत्री और हरियाणा सरकार के खिलाफ कड़ी नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारी विरोधी हैं। वे लोग अपना अधिकार लिए बिना संघर्ष नहीं छोडे़ंगे। कर्मियों के कडे़ तेवर भांपकर सरकार ने वीरवार को तालमेल कमेटी के सातों पदाधिकारियों ने बात की।

शाम को साढे़ छह बजे के बाद कर्मियों ने सरकार से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल खोल दी। शुक्रवार सुबह से हरियाणा की साढे़ 38 सौ बसें निर्धारित रूटों पर लौट आएंगी। रोडवेज कर्मचारी बुधवार की तरह वीरवार को हड़ताल के दूसरे दिन भी सुबह चार बजे से ही मोर्चे पर आ डटे।
विज्ञापन


तमाम बसों का पहिया पूरा दिन जाम रखा गया। रोडवेज के करनाल डिपो की एक बस भी रूट पर नहीं निकल पाई। पूरा दिन बस अड्डा परिसर पुलिस छावनी बना रहा। बुधवार की तरह सहकारी समिति की 32 बसों को बस अड्डे के बाहर से ही चलाया गया। इन बसों के ऑपरेटरों और प्राइवेट वाहन चालकों ने की खूब चांदी कूटी। अवैध वाहनों ने भी यात्रियों से मनमाना किराया वसूला।

वीरवार को करनाल डिपो की 165 गाड़ियां वर्कशॉप में ही खड़ीं रहीं। इसके कारण दो दिन की निरंतर हड़ताल में 25 लाख का फटका जिले में रोडवेज का लगा है। पूरा दिन कर्मचारी धरने पर बस अड्डा परिसर में बैठे रहे। इंटक के राज्य उपाध्यक्ष रवि शंकर, ऋषिपाल, सर्व कर्मचारी संघ के सतपाल सैनी, ओमप्रकाश सिंहमार, जयनारण, तेजेंद्रपाल, विश्वनाथ र्श्मा, योगराज समेत काफी कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वे लोग अब किसी हाल में झुकने वाले नहीं हैं।

किसी के झूठे आश्वासन नहीं लेंगे। कोई ठोस बात होगी तो उनके राज्यस्तरीय नेता विचार करेंगे। शाम को उन लोगों को राज्यस्तरीय नेताओं से मामला सुलझने की सूचना मिली तो उन लोगों ने अपनी हड़ताल तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी लेकिन संदेश देर से मिलने के कारण बसें रात को नहीं चल पाई।  

परिवहन मंत्री ने दिया आश्वासन
राज्य में दो दिन से रोडवेज के चक्का जाम होने के मामले में आखिर सरकार को कर्मियों के सामने झुकना पड़ा। तालमेल कमेटी के बैनर तले किए जा रहे विरोध के दौरान विभिन्न क्षेत्रों समेत जनता के प्रभावित होने को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है।

परिवहन मंत्री आफताब अहमद और मुख्यमंत्री के ओएसडी एमएस चोपड़ा, परिवहन विभाग के वित्तायुक्त आरआर जोवल, परिवहन विभाग के महानिदेशक अभय सिंह यादव के साथ हुई साढे़ तीन घंटे की वार्ता के बाद फिलहाल तालमेल कमेटी के सदस्यों ने हड़ताल के संघर्ष को समाप्त कर दिया है।

वीरवार को चंडीगढ़ के एमएलए हॉस्टल में परिवहन मंत्री के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री के आदेशानुसार तमाम मामलों पर विचार किया गया। बैठक में परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री के ओएसडी और विभाग के उच्चाधिकारियों के अलावा तालमेल कमेटी के पदाधिकारियों में शामिल अनूप सिंह सहरावत, हरिनारायण शर्मा, दलबीर सिंह किरमारा, दलबीर सिंह नेहरा, बलराज सिंह देसवाल, आजाद सिंह और सरबत पूनिया समेत सातों पदाधिकारी शामिल रहे। इन पदाधिकारियों के अनुसार शाम को करीब सवा तीन बजे बैठक प्रारंभ हुई।

बैठक शाम को करीब साढे़ छह बजे तक चली। बैठक में तमाम मुद्दाें पर विस्तार और गहनता से चर्चा हुई। परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में बैठक में मौजूद सभी सदस्यों की एक विशेष कमेटी बनाई गई। राज्य में दिए जाने वाले 3519 निजी परमिटों को दिया जाए या नहीं।

इस संबंध में यह कमेटी अध्ययन करने के बाद तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके अलावा उनकी अन्य तमाम 11 मांगों को विभाग के वित्तायुक्त जोवल और महानिदेशक यादव ने 15 दिन के भीतर पूरा करने का आश्वासन दिया है। इस पर तमाम लोगों की आपस में सहमति बनी और हड़ताल को खोलने का संदेश दिया गया। तालमेल कमेटी के सातों सदस्यों ने मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री का आभार प्रकट किया।  

निजी वाहन चालकों ने कूटी चांदी
नीलोखेड़ी में हड़ताल के दूसरे दिन सरकारी बसों का चक्का जाम रहने से सवारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, जबकि निजी वाहन चालकों ने इसका जमकर लाभ उठाते हुए चांदी कूटी। लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा।

वहीं, निजी वाहन चालकों ने मौके का फायदा उठाते हुए मनमाने किराए वसूल किए और सवारियों को भी लताड़ते हुए नजर आए। जीटी रोड बस स्टैंड पर सवारियों की भीड़ लगी रही। निजी वाहनों में सवारियों को ठूंस ठूंस कर भर रखा था। सवारियां भी कोई भी वाहन की चाहत में इधर-उधर दौड़तीं नजर आई।

निसिंग में बिजली, पानी के लिए तरसे
निसिंग में हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के बैनर तले पहले से निर्धारित सर्व कर्मचारी संघ व कर्मचारी महासंघ की ओर से अपनी विभिन्न मांगों के लिए स्वास्थ्य विभाग परिसर व विद्युत प्रसारण निगम प्रांगण में राज्यव्यापी हड़ताल की गई।

मौके पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मी, विद्युत प्रसारण निगम कर्मी, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, मिड-डे मिल वर्करों सहित अन्य विभागों के कर्मियों ने भाग लिया। एमपीएचएस की जिला प्रधान लाजवंती व विद्युत प्रसारण निगम के यूनियन प्रधान दयाल सिंह ने कर्मियों को बताया कि प्रदेश सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों व वादाखिलाफी के विरोध में राज्यव्यापी हड़ताल की गई है।

कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हड़ताल की वजह से दिनभर आम जनजीवन प्रभावित रहा। हरियाणा रोडवेज की बसें नहीं चलने से सवारियों को बस अड्डे पर बैठकर दिनभर इंतजार करना पड़ा। इससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कई गांवों की बिजली सप्लाई बंद होने से लोगों को पीने के पानी के लाले पड़े रहे। समाचार लिखे जाने तक हड़ताल के कारण फीडरों की सप्लाई बंद पड़ी थी। क्षेत्र में हड़ताल पूर्ण रूप से सफल रही। मौके पर प्रधान महाबीर सिंह, जोगेंद्र सिंह, आमपति, प्रमीला, बिमला, सुनीता, रामपाल, केशवपाल, जेई राजकुमार शर्मा, मोहर सिंह, जयभगवान, पूर्णचंद, महेंद्र पांचाल, सतपाल, परमजीत कौर, ऋषिपाल, कविता मंजूरा, श्रीराम मौजूद रहे। 
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें