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Karnal News: रोजाना तीन ट्रांसफार्मर चोरी, छह माह में 3.70 करोड़ का नुकसान

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- नए ट्रांसफार्मर लेने में लगते हैं 10 से 15 दिन, तब तक पानी के अभाव में सूख जाती है फसल
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संवाद न्यूज एजेंसी

करनाल। जिलेभर में रोजाना खेतों से तीन ट्रांसफार्मर का सामान चोरी हो रहा है। चोरी की ज्यादा वारदात इंद्री और घरौंडा क्षेत्र में हो रही है। इससे जहां निगम को छह माह में करीब 3.70 करोड़ रुपये की चपत लगी है। दूसरी तरफ कागजी कार्रवाई में उलझे किसानों को ट्रांसफार्मर मिलने में 10 से 15 दिन लग जाते हैं। ट्रांसफार्मर के इंतजार में किसानों की धान की फसल सूख रही है। इससे किसानों को दोहरा नुकसान हो रहा है।

किसान को एक तरफ तो धान के सीजन में काम छोड़कर थाने और बिजली निगम के कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। दूसरी तरफ पहले से लगाई गई धान की फसल खराब हो रही है। वहीं जिन किसानों ने अभी तक धान की रोपाई नहीं की है, उनकी फसल लेट हो रही है। हालांकि उत्तर हरियाणा बिजली निगम ने जुलाई 2024 से खेतों में 16 केवीए के एल्यूमीनियम के ट्रांसफार्मर लगाने शुरू कर दिए हैं। ताकि चोरी की वारदातों को रोका जा सके। इसके बावजूद भी चोरी का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। कई मामलों में देखा गया है कि चोर ट्रांसफार्मर के अंदर का तेल निकालकर ले जाते हैं और एल्यूमीनियम की क्वाइल को तोड़फोड़ कर बिखेर देते हैं। इस साल अप्रैल और मई माह में जिले से 256 ट्रांसफार्मर चोरी हो चुके हैं। इससे साफ है कि आंकड़ा पिछले साल के बजाए, इस साल ज्यादा बढ़ेगा।
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खेतों में बिजली के फाल्ट को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रति टयूबवेल की क्षमता के हिसाब से तांबा के बने 16 केवीए के छोटे ट्रांसफार्मर लगाए थे। मार्केट में तांबा का रेट महंगा है। इसलिए चोर रात को खेतों में ट्रांसफार्मरों को अपना निशाना बनाने लगे। अब जहां ट्रांसफार्मर का सामान चोरी होता है तो वहां पर एल्यूमीनियम का ट्रांसफार्मर लगाया जाता है। ताकि चोरी को रोका जा सके।

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किस वर्ष कितने ट्रांसफार्मर हुए चोरी



वर्ष ट्रांसफार्मर चोरी

2021-22 841

2022-23 968

2023-24 1039

2024-25 1090

अप्रैल 2025 100

मई 2025 156

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19 जून को चोरी हुआ ट्रांसफार्मर अभी तक नहीं मिला



घीड़ गांव निवासी रमन ने बताया कि उनके खेत से चोर 19 जून की रात को ट्रांसफार्मर चोरी करके ले गए। उसे अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं मिला है। सोमवार को ट्रांसफार्मर लेने की फाइल जमा करवाई है। जेई और एसडीओ की रिपोर्ट के बाद ट्रांसफार्मर मिलेगा। उसने तीन एकड़ में धान की फसल लगाई है। ट्रांसफार्मर न होने के कारण धान को पानी नहीं दे पा रहा है। अब धान सूखने की कगार पर है। घीड निवासी अंकुश का भी ट्रांसफार्मर चोरी हो गया था। उसे भी अभी तक नहीं मिल पाया है। उसने भी चार-पांच एकड़ में धान लगाई है। ऐसे ही अन्य बहुत से किसान हैं। जिनके ट्रांसफार्मर चोरी हुए हैं।
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वर्जन

अप्रैल, मई, जून में ट्रांसफार्मर चोरी की ज्यादा वारदात होती हैं। चोरी की सूचना पर बिजली निगम की टीम जांच करती है और संबंधित थाना में एफआईआर दर्ज करवाती है। इसके बाद किसान से कोई पैसा नहीं लिया जाता। उन्हें मुफ्त में ट्रांसफार्मर दिया जाता है। निगम की कोशिश रहती है कि जल्द से जल्द किसानों को ट्रांसफार्मर मिल जाए। इससे निगम को भारी नुकसान हो रहा है।

- नसीब सिंह, अधीक्षक अभियंता, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम
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