संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बारिश के मौसम में हैजा और जलजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन सख्त हो गया है। उपायुक्त उत्तम सिंह ने संक्रमण रोकने के उद्देश्य से जिले में खुले में खाद्य पदार्थ बेचने, स्टोर करने और प्रदर्शित करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, बाजार हो या फिर गलियों की दुकानें, सभी को खाद्य पदार्थ ढ़क कर रखने होंगे। इसके साथ ही बिना अनुमति के किसी भी मेले के आयोजन पर भी रोक लगा दी गई है।
जिलाधीश उत्तम सिंह ने आदेश जारी करते हुए कहा कि बारिश में गंदा पानी और नमी बीमारियों को न्योता देते हैं। हैजा मुख्य रूप से दूषित पानी और खुले में रखे संक्रमित खाद्य पदार्थों से फैलता है। इसे रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभागों को सतर्क किया गया है। एसडीएम, सीटीएम, सीएमओ, डीआरओ, डीडीपीओ समेत अधिकृत अधिकारियों को बाजारों, दुकानों और स्टॉल्स पर औचक निरीक्षण करने का अधिकार दिया गया है। प्रतिबंधित सामग्री पाए जाने पर उसे जब्त, नष्ट या हटाया जाएगा। आदेशों की अवहेलना पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों, खास तौर पर कुओं के आसपास स्नान, कपड़े और बर्तन धोने पर पूरी तरह रोक रहेगी। यह रोक इंसानों के साथ जानवरों पर भी लागू रहेगी। सार्वजनिक परिवहन में दस्त और उल्टी से पीड़ित व्यक्तियों को बिना उचित इंतजाम के ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है ताकि संक्रमण न फैले। किसी भी गांव या क्षेत्र में हैजा के मामले सामने आने पर संबंधित क्षेत्र के कार्यकारी अधिकारी, सचिव या गांव के सरपंच को 24 घंटे के भीतर सिविल सर्जन कार्यालय को सूचना देनी अनिवार्य होगी। उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करें और आमजन को हैजा जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए सख्ती बरतें।
- इन चीजों की बिक्री पर पूरी तरह रोक
खुले में मिठाइयां, मांस, केक, बिस्कुट, ब्रेड, पकोड़े, चाट और पके हुए अनाज
कटे हुए फल और सब्जियां, अधिक पके फल
बिना ढके खाद्य पदार्थ
स्टिक के साथ या बिना स्टिक की बर्फ की कैंडी, कुल्फी
रंग या बिना रंग का नींबू पानी, शरबत, सिंथेटिक फ्लेवर वाले पेय
मिनरल पानी या पानी से बनी अन्य ठंडी चीजें