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तीन एजेंडे पर लगी मुहर, 1000 करोड़ मिलेंगे और 2000 करोड़ खर्च कर बनाएंगे स्मार्ट सिटी

Wed, 22 Jun 2016 12:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
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बैठक को संबोधित करते नगर निगम आयुक्त सुमेधा कटारियां व उपस्थित पार्षद। - फोटो : Amar Ujala
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स्मार्ट सिटी फेज-2 की परीक्षा तैयारियों में जुटे नगर निगम ने मंगलवार को हाउस की विशेष बैठक बुलाई। इसमें ढाई साल से गैरहाजिर रहने वाले वार्ड तीन के पार्षद कैलाश गोयल के साथ ही सभी 20 पार्षद पहुंचे। इस दौरान स्मार्ट सिटी को लेकर तीन एजेंडों को शामिल किया गया। इसमें अहम बात रही कि स्मार्ट सिटी के लिए केंद्र सरकार से एक हजार करोड़ रुपये मिलेंगे, जबकि निगम शहर को स्मार्ट बनाने पर दो हजार करोड़ रुपये खर्च करेगा। शेष एक हजार करोड़ रुपये निगम की संपत्तियों की बिक्री, टैक्स व प्रदेश सरकार से आएगा।  
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पहले एजेंडे में पिछली बैठक में पारित हुए मुद्दों को समीक्षा एजेंडा रखा गया और दूसरे एजेंडे में पिंगली की पंचायती जमीन के रकबा नंबर को निगम के डेयरी प्रोजेक्ट के रकबा नंबर के साथ अदला बदली करने व तीसरे एजेंडा में स्मार्ट सिटी को लेकर निगम की तैयारियों को शामिल किया गया। सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से सभी एजेंडों को पारित कर दिया।

प्रजेंटेशन से समझाई स्मार्ट सिटी
निगमायुक्त सुमेधा कटारिया ने स्मार्ट सिटी की परीक्षा की तैयारियों पर एक प्रजेंटेशन दी है। उन्होंने बताया कि करनाल का चयन पहले ही स्मार्ट सिटी के लिए हो चुका है। अब तो केवल सरकार से फंडिंग को लेकर टॉप-20 की सूची में शामिल होने की दौड़ है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी फेज-2 की परीक्षा के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 30 जून है। इस बार टॉप-20 में शामिल होने के लिए पूरी तैयारियां की है। उन्हें इस बार टॉप-20 में शामिल होने की पूरी उम्मीद है।
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प्रस्ताव में ये इलाके रहेंगे शामिल
स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव के तहत निगम की ओर से नमस्ते चौक से लेकर निर्मल कुटिया चौक, अस्पताल, गांधी चौक, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व कर्णताल के बीच के क्षेत्र को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में स्मार्ट तरीके से विकसित किया जाएगा। इसी के आधार पूरे शहर को स्मार्ट बनाया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे। जो अगले पांच वर्षों में प्रति वर्ष 200 करोड़ की किस्त में मिलेंगे। वहीं निगम द्वारा सरकार की अन्य योजनाओं के माध्यम से एक हजार करोड़ जुटाए जाएंगे।

एरिया बेस डेवलपमेंट पर खर्च होंगे 920.17 करोड़ रुपये
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में नमस्ते चौक से लेकर निर्मल कुटिया चौक, गांधी चौक, बस स्टैंड, रेलवे रोड व कर्ण ताल एरिया से होते हुए रेलवे स्टेशन तक 1149 एकड़  क्षेत्र को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें सेक्टर,12 का कुछ हिस्सा, सेक्टर-13, सेक्टर-13 एक्सटेंशन, सेक्टर-14 व दर्जनों कॉलोनियां शामिल हैं।

इस क्षेत्र में स्मार्ट तकनीक से विकास कार्य होंगे। इसमें सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज, सफाई, पॉल्यूशन, पीने का पानी आदि सुविधाओं को सेंसराइज्ड किया जाएगा। इससे क्षेत्र में सीवेज लीकेज, पानी की लीकेज या चोरी का पता चल सकेगा। सड़कों के किनारे लगे सेंसर से शहर के पॉल्यूशन की भी लाइव रिपोर्ट मिलेगी। इसके अलावा पानी व गंदगी की वजह से फैलने वाले बैक्टीरिया की जानकारी भी सेंसर से ही मिलेगी। इससे लोगों को समय रहते अपने खान पान व सेहत का याल रखने में आसानी होगी।

पैन बेस डेवलपमेंट पर खर्च होंगे 884.41 करोड़ रुपये
पूरे शहर के लिए ई-सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए 884.41 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे शहर वासियों को सभी प्रशासनिक सुविधाएं ऑनलाइन मुहैया कराई जाएंगी। इसमें बिजली पानी के बिलों की अदायगी से लेकर, जमीन की रजिस्ट्री, पेंशन, जाति, रिहायशी प्रमाण पत्र, रेल टिकट, बस टिकट आदि सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे एक क्लिक पर मिलेंगी। इसके अलावा 18.41 करोड़ रुपये तकनीक कार्यों व 182 आकस्मिक निधि के रूप में रखे जाएंगे। सरकार की ओर से स्मार्ट सिटी प्रपोजल के लिए एक हजार करोड़ दिए जाएंगे, लेकिन बाकी एक हजार करोड़ निगम अपने स्रोत, सरकार की अन्य योजनाओं के तहत होने वाले फंडिंग से जुटाएगा।

टोकन सिस्टम से मिलेगी शहर में साइकिल
स्मार्ट सिटी की तैयारियों में जुटा नगर निगम बुधवार से शहर में सांझी साइकिल प्रोजेक्ट शुरू करने का जा रहा है। इसका शुभारंभ प्रदेश परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार मंगलवार को सुबह नौ बजे करेंगे। इस योजना के तहत शहर वासी दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर साइकिल के प्रयोग के लिए एक सौ रुपये कार्ड खरीदेंगे। उस कार्ड के माध्यम से शहर में 18 जगह पर बनने वाले साइकिल स्टैंडों से साइकिल ले सकेंगे। साझी प्रोजेक्ट लगाने वाली कंपनी पहले एक घंटे तक साइकिल के प्रयोग पर कोई चार्ज नहीं करेगी। एक घंटा समाप्त होने के बाद प्रति घंटा पांच रुपये चार्ज किए जाएंगे।

जो उसके खाते सौ रुपये के वॉलेट खाते से ही काटे जाएंगे। इसकी सूचना व्यक्ति को मोबाइल पर मिलती रहेगी। यही नहीं यात्री रेलवे स्टेशन से किराए पर ली गई साइकिल को अपना काम पूरा होने के बाद शहर के किसी भी साइकिल स्टैंड पर जमा करवा सकेंगे। उन्हें साइकिल जमा करवाने के लिए फिर से रेलवे स्टेशन पर भी जाने की आवश्यकता नहीं होगी। निगम द्वारा पायनियर कंपनी के सहयोग से इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर साइकिल ट्रेक से लेकर साइकिल स्टैंड व ई- कनेक्टीविटी पर करीब  पांच करोड़ रुपये का खर्च आएगा। जो कंपनी स्वयं वहन करेगी।

साइकिलों से होने वाली आमदनी व साइकिल स्टैंड पर लगने वाले विज्ञापन कंपनी के आए का स्त्रोत होंगे, कंपनी विज्ञापन से होने वाली आय पर भी निगम को टेक्स अदा करेगी। बुधवार को साझी साइकिल प्रोजेक्ट के शुभारंभ के साथ ही रजिस्ट्रेशन की भी शुरुआत होगी। जिले के सभी साइकिल स्टैंडों को आपस में जोड़ने व कार्ड सिस्टम जारी करने काम एस्को अकाउंट कंपनी करेगी।

विकास कार्य न होने पर पार्षदों में नाराजगी
निगम हाउस की बैठक में स्मार्ट सिटी फेज- 2 की परीक्षा को लेकर बैठक में रखे गए सभी मुद्दों को पार्षदों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया, लेकिन निगम में शामिल हुए गांवों में विकास कार्य न होने पर पार्षदों ने रोष जताया। वार्ड-2 के पार्षद बलविंद्र सिंह ने कहा कि निगम शहर में साइकिल ट्रैक पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, लेकिन हजारों एकड़ जमीन के साथ निगम में शामिल हुए गांवों  का क्या कसूर है। निगम आज तक उनमें विकास की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है।

निगम हाउस की अगली बैठक 12 जुलाई को
विकास कार्यों को लेकर निगम हाउस की अगली बैठक 12 जुलाई को होगी। पार्षदों ने नियमित समय पर हाउस की बैठक आयोजित न होने पर भी नाराजगी जाहिर की है। वार्ड-1 के पार्षद राकेश कुमार ने हाउस की बैठक में ही अगली बैठक की तिथि तय करने की मांग की। जब मेयर ने जुलाई के दूसरे सप्ताह के आस पास बैठक रखने की बात कही तो पार्षद राकेश कुमार ने कहा कि आसपास  के चक्कर में तो पूरा माह निकल जाएगा। इसलिए बैठक की तिथि निर्धारित करना जरूरी है। इस पर निगम अधिकारियों व मेयर ने 12 जुलाई को बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया।

किसी को भी निगम के दायरा नहीं मालूम
वार्ड- 2 दो के पार्षद बलविंद्र सिंह ने कहा कि आए दिन पार्षदों पर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप लग रहे हैं, लेकिन सत्य तो यह कि किसी भी पार्षद को आज तक निगम के दायरे का पता नहीं है। निगम की वार्ड बंदी आज तक नहीं हुई है। ऐसे मेें निगम की कई एकड़ जमीन पर लोगों को ने अवैध कब्जे किए हुए हैं। निगम आयुक्त सुमेधा कटारिया ने इस पर कहा कि निगम द्वारा वार्ड-15 से निगम की वार्डबंदी का काम शुरू कर दिया है। जल्द ही पूरे शहर की वार्ड बंदी कर निगम की जमीन से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।

निगम के गांवों में सामुदायिक केंद्र बनेंगे
नगर निगम में शामिल गांवों के लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जाति आधार पर चौपाल बनाने की बजाय सामुदायिक केंद्र बनाए जाएंगे। अब निगम की ओर से अपने खर्च व ग्रामीणों की मांग पर सामुदायिक केंद्रों का निर्माण किया जाएगा।

ये पार्षद रहे मौजूद
बैठक में मेयर रेणुबाला गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, डिप्टी मेयर मनोज वधवा, राकेश कुमार, बलविंद्र सिंह, कैलाश गोयल, सुजाता अरोड़ा, कमलेश लाठर, मोहित कांबोज, यशपाल मित्तल, सुदर्शन कुमार, सोनिया, सुदेश गुलाटी, विनोद तितोरिया, सतीश कुमार, रामचंद्र, शीला देवी, डिंपल रानी, कुबुद बाला व जोगेंद्र सिंह शामिल रहे।
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