एनएचएआई ने बसताड़ा टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति को देखते हुए कैश लेन की संख्या बढ़ा दी है। अब 15 फरवरी तक टोल पर एक की बजाए तीन लेन में कैश भुगतान से वाहन चालक टोल का भुगतान कर सकता है। वहीं बसताड़ा टोल पर कैश लेन की संख्या बढ़ाए जाने के बावजूद पूरा दिन दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं, जिस वजह से वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जाम में फंसें वाहन चालकों और टोल कर्मचारियों के बीच दिनभर तीखी नोंकझोंक होती रही। वाहन चालकों का कहना है कि फास्टैग प्रणाली के नाम पर वाहन चालकों को परेशान किया जा रहा है। अभी तक आधे वाहन चालकों ने ही फास्टैग कार्ड बनवाए हैं। ऐसे में कैश भुगतान कर टोल क्रास करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है, लेकिन उनकी क्रासिंग के लिए महज तीन लेन बनाई गई है। हजारों वाहन कई-कई घंटें तक जाम में फंसे रहते हैं, लेकिन सरकार अपना फरमान लागू करवाने में लगी हुई है। लोगों की परेशानी से सरकार को कोई सरोकार नहीं है। विदित हो कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का फ्लैगशिप प्रोग्राम है। इसे पूरे देश में लागू किया जाना है जिसका मकसद ट्रैफिक मूवमेंट को निर्बाध बनाना और रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नॉलॉजी के जरिए टोल कलेक्शन करना है, लेकिन आधे से ज्यादा वाहन फास्टैग प्रणाली से जुड़ ही नहीं पाए हैं। बसताड़ा टोल पर फास्टैग के लिए दोनों तरफ 24 में से 18 लेन बनाई गई है, जबकि कैश भुगतान के लिए केवल छह लेन हैं। 15 जनवरी को टोल पर केवल दो ही कैश लेन थी, जिस वजह से वाहन जाम में फंसे रहे और टोल अधिकारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। टोल पर वाहनों की भीड़ को कम करने के लिए कैश लेन बढ़ा दी गई, लेकिन वाहन चालकों को जाम से निजात नहीं मिली।
15 फरवरी तक बनवा सकते हैं फास्टैग-
टोल अधिकारियों के मुताबिक, सरकार ने एक दिसंबर से फास्टैग अनिवार्य कर दिया है, लेकिन वाहन चालक फास्टैग बनवा नहीं रहे हैं। अभी तक 55 फीसदी ही वाहन चालकों ने फास्टैग बनवाए हैं। यही कारण है कि 15 जनवरी को कैश लेन को सिंगल कर दिया गया था, जिसकी वजह से जाम की स्थिति बन गई। टोल पर जाम ना लगे, इसके लिए तीन लेन की छूट दी गई है। तीन लेन में कैश भुगतान होगा, लेकिन यह सिर्फ 15 फरवरी तक के लिए है। उसके बाद फिर से सिंगल लेन हो जाएगी।
फास्टैग बनवाने के लिए इंतजार-
वाहन चालकों का कहना है कि फास्टैग बनवाने में कई-कई दिन का समय लग जाता है। ऑनलाइन भी अगर अप्लाई किया जाता है तो उनको डिलीवरी ही नहीं हो पाती। इसके अतिरिक्त जब वाहन चालक 24 घंटे के लिए टोल भुगतान करता है तो उसे फास्टैग की बजाए कैश लेन से ही गुजरना पड़ता है, जब उन्होंने एडवांस में टोल भुगतान किया है तो उनको फास्टैग लेन से जाने की अनुमति होनी चाहिए और जब तक सभी वाहनों के फास्टैग नहीं बनते तब तक कैश लेन की संख्या ज्यादा होनी चाहिए।
टोल पर जाम की स्थिति को देखते हुए कैश लेन की संख्या दोनों तरफ तीन-तीन कर दी गई है। यह छूट 15 फरवरी तक के लिए है। उसके बाद फिर लेन सिंगल कैश लेन होगी। कैश भुगतान वाले वाहन चालक फास्टैग लेन में घुसने का प्रयास करते हैं, जिसकी वजह से जाम की स्थिति बनी रहती है। वाहन चालकों से अनुरोध है कि फास्टैग बनवाएं।
-मनीष कुमार, टोल मैनेजर।