सिटी के 25 पार्कों में वाईफाई के नाम पर घोटाला किए जाने का मामला सामने आया है। पार्षदों की मानें तो प्रति माह वाईफाई के नाम पर 6.52 लाख रुपये कंपनी को दिए जा रहे हैं, लेकिन शहरवासियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। कहीं पर वाईफाई चल ही नहीं रहा तो कहीं पर इंटरनेट की स्पीड बहुत कम है। पार्षदों की ओर से आवाज बुलंद किए जाने पर नगर निगम की मेयर रेणु बाला गुप्ता ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही मामले की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। आरोप सही मिले तो कार्रवाई की जाएगी।
अप्रैल 2017 से शहर के विभिन्न पार्कों में शहरवासियों के लिए वाई फाई सुविधा शुरू की गयी। कुछ दिनों के बाद ही सुविधा ठंडे बस्ते में चली गई। मौजूदा स्थिति ये है कि अधिकांश पार्कों में वाईफाई की सुविधा ना के बराबर है, जबकि इस पर निगम की ओर से प्रति माह लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार सैट इंटरनेशनल कंपनी द्वारा वाईफाई सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। 25 पार्कों में एक पार्क का हर महीने का 26 हजार 100 रुपये खर्चा आ रहा है। कंपनी की तरफ से निर्धारित मापदंडों के अनुसार 26 हजार 100 रुपये के पैकेज में हर महीने छह लाख 52 हजार 500 रुपये का भुगतान हो रहा है। अप्रैल 2017 से दिसंबर 2019 तक 21532500 रुपये खर्च आ चुका है।
इन पार्कों में वाईफाई की सुविधा
विवेकानंद पार्क रामनगर, कर्ण पार्क नजदीक बस स्टैंड, पार्क सेक्टर-13 नजदीक गीता मंदिर, पार्क नंबर 2 सेक्टर-13, पार्क नजदीक पूर्व डिप्टी मेयर हाउस सेक्टर-13, लोकल बसस्टैंड, म्यूजिकल फव्वारा पार्क वार्ड-11, पार्क-1 वार्ड नंबर 12, पार्क-2 वार्ड नंबर 12, पार्क-3 वार्ड नंबर 12, ऑपन जिम अटल पार्क, अटल पार्क, संत कबीर पार्क वार्ड नंबर 11, पार्क-1 वार्ड नंबर 9, पार्क-2 वार्ड नंबर 9, पार्क-3 वार्ड नंबर 9, पार्क-4 वार्ड नंबर 9, पार्क सेक्टर-6, पार्क सेक्टर-6 वार्ड नंबर 8, पार्क इन सेक्टर-6, पार्क नजदीक दुकान नंबर 111 से 123 मुगल कैनाल, कल्पना चावला पार्क माडल टाउन, प्रणामी पार्क, पार्क सेक्टर-9, कश्मीरा सिंह पार्क वार्ड नंबर 19 है।
वाई फाई की नहीं जरूरत : पार्षद मुकेश
पार्षद मुकेश अरोड़ा का कहना है कि जब से जियो ने इंटरनेट सुविधा दी है तब से लोगों को वाईफाई की जरूरत कम हो गई है। इसके बाद सभी कंपनी ने बड़े बड़े पैकेज देने शुरू कर दिये। कुछ लोगों पर ही दिन का डाटा पूरा हो पाता है। अब शहर में वाई फाई पर खर्च करने की जरूरत नहीं है। वे निगम को वाई फाई बंद करने के लिए अपना पक्ष रखेंगे, ताकि हर महीने लाखों रुपये बच सकें।
कही बंद पड़े हैं तो कहीं गति नहीं : पार्षद वीर विक्रम
पार्षद वीर विक्रम का कहना है कि वाई फाई से शहर के लोगों को सुविधा नहीं मिल रही है। रोजाना वार्ड के लोग सूचित करते हैं कि उनके फोन पर वाई फाई से स्पीड नहीं आ रही। कोई बताता है कि वाई फाई कनेक्ट नहीं हो रहा है। ऐसा रोजाना ही हो रहा है। इसकी सच्चाई का पता लगाने के लिए किसी भी समय वाई फाई की जांच की सकती है। मौके पर ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
हर महीने लाखों खर्च, नहीं चलते वाईफाई : पार्षद युद्धवीर सैनी
पार्षद युद्घवीर सैनी का कहना है कि शहर के लोगों ने कई बार पार्कों में वाईफाई न चलने की शिकायत की है। लोगों की समस्या जायज है। हर महीने लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद भी उन्हें सुविधा नहीं मिल रही। इसमें ठेकेदारों की मनमानी चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम में वाईफाई के नाम पर घोटाला किया जा रहा है। इसको रोकने की जरूरत है।
कमी मिली तो होगी कार्रवाई
वाईफाई को लेकर कई शिकायतें मिली हैं। इस बारे में पार्षदों ने भी कहा है। अधिकारियों को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में जिसकी भी कमी मिलेगी, उस पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चेक करवाया जाएगा कि कितने पार्कों में किस स्तर की सुविधा मुहैया हो रही है।
-रेणूबाला गुप्ता, मेयर नगर निगम करनाल।