जिले में पिछले 24 घंटों में अलग-अलग हादसों में ट्रेन की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत हो गई। थाना जीआरपी ने दो शव परिजनों के हवाले कर दिए हैं। एक युवक के शव की अभी पहचान नहीं हो पाई है।
शुक्रवार की सुबह दिल्ली से ब्यास रविवार को होने वाले भंडारे के लिए जाने वाले छात्र की करनाल रेलवे स्टेशन के दो नंबर ट्रैक पर अंबाला की ओर जाने वाली ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। नई दिल्ली के सुदर्शन पार्क का रहने वाला 21 वर्षीय विनय गुप्ता स्नातक अंतिम वर्ष का छात्र था।
शुक्रवार की सुबह विनय अपने पड़ोसी अशोक कुमार के साथ ब्यास जाने के लिए दिल्ली से शाने-पंजाब ट्रेन में यात्रा कर रहा था। करनाल में प्लेट फार्म संख्या तीन पर ट्रेन को रोककर प्लेट फार्म संख्या दो से अंबाला की ओर जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन को निकाला जा रहा था।
उसी दौरान विनय ट्रेन से उतरकर पानी लेने के लिए गया, लौटते समय दिल्ली से अंबाला को जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। ट्रेन की गति अधिक होने के कारण विनय की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जांच अधिकारी राजबीर संधू ने बताया कि विनय अपने पड़ोसी अशोक कुमार के साथ रविवार को ब्यास में होने वाले भंडारे के लिए जा रहा था।
दोनों की सीट रिजर्व थी। अशोक कुमार दिल्ली सरकार में कर्मचारी है। करीब चार साल से अशोक नेत्रहीन था। विनय उसे पानी लेने की बात कहकर ट्रेन से उतरा था लेकिन हादसे के दौरान यात्रियों ने उसे बताया कि उसके साथ वाले लड़के की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई।
जांच अधिकारी ने बताया कि शताब्दी के चालक के अनुसार हादसे के दौरान रेलवे लाइन पार करते समय अचानक विनय का कोई समान ट्रैक पर गिर गया, जिस कारण विनय जैसे ही अपना सामान उठाने लगा, ट्रेन की चपेट में आ गया। वीरवार देर शाम मंगल कॉलोनी में रहने वाले 15 वर्षीय 10 कक्षा के छात्र अंकुश ने घोघड़ीपुर व बजीदा के समीप बरोनी एक्सप्रेस के आगे आकर आत्महत्या कर ली।
अंकुश पानीपत के गांव अहर कुराना का रहने वाला था। करीब आठ महीने पूर्व अपने माता पिता की मौत के बाद से वह अपने भाई प्रिंस के साथ अपने नाना ओमप्रकाश व मामा राकेश कुमार के पास रहता था। वीरवार दोपहर बाद अपने नाना को खाना देने के बाद अंकुश घोघड़ीपुर के समीप रेलवे ट्रैक पर चला गया।
वहां दिल्ली को जाने वाली बरौनी एक्सप्रेस के आगे आकर आत्महत्या कर ली। बराना के समीप अज्ञात युवक चलती ट्रेन से गिरकर घायल हो गया। उसे घायल अवस्था में नीलोखेड़ी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर ने उसे करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस मृतक के परिजनों की तलाश में जुटी है।
किशोरी ने फंदा लगाकर दी जान
शहर के होटल नूर महल के समीप एक झुग्गी में किशोरी ने चुन्नी के फंदा से लटककर जान दे दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे डीएसपी सिटी सुनील कुमार व सदर थाना प्रभारी गोरखपाल राणा ने जांच की। शनिवार को होने वाले पोस्टमार्टम के बाद ही किशोरी की मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा।
पश्चिम बंगाल के गांव दलसड़ा की रहने वाली 13 वर्षीय खादिजा अपने परिवार के साथ होटल के समीप झुग्गियों में रहकर मजूदरी करती थी। शुक्रवार दोपहर उसके माता पिता मजदूरी के लिए काम पर गए थे। उनके पीछे खादिजा ने फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। सदर थाना प्रभारी गोरखपाल राणा ने बताया कि प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या का लगता है।
नहर में डूबे छात्र को तलाशने में जुटे गोताखोर
इंद्री के गांव उमरपुर का 10वीं कक्षा का छात्र आवर्धन नहर में डूब गया। छात्र के डूबने की घटना के बाद से पूरे गांव में मातम छाया है, वहीं, इस गांव के सैकड़ों लोग गोताखोरों और पुलिस के सहयोग से छात्र की तलाश में नहर में तलाश कर रहे हैं। वीरवार रातभर लोगों ने बिजली की अस्थायी व्यवस्था के साथ कई किलोमीटर तक छात्र की नहर में तलाश की।
रातभर नहर में हाथ पांव मारने के बाद भी ग्रामीण छात्र को खोजने में असफल रहे। शुक्रवार को पूरा दिन छात्र को खोजने के लिए लोग नहर में कई किलोमीटर के दायरे में गोते लगाते रहे। छात्र गढ़ी बीरबल स्थित एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ता था। स्कूल से लौटते समय यह हादसा हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव उमरपुर निवासी 10वीं कक्षा का छात्र संचित आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल गढ़ी बीरबल से छुट्टी के बाद घर लौट रहा था तभी संदिग्ध हालात में वह नहर में गिर गया। साथी छात्रों ने इसकी सूचना गांव में दी। ग्रामीणों ने नहर पर पहुंचकर तलाश की और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खोजबीन की, परंतु छात्र का पता नहीं चल पाया है।
थाना इंद्री प्रभारी गौरव पूनिया ने बताया कि गांव उमरपुर के एक छात्र के नहर में गिरने की सूचना मिली थी। छात्र को तलाशने के लिए गोताखोर बुलाए गए हैं। पुलिस छात्र की तलाश में जुटी है।