करनाल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पास इस माह से ऐसे कर्मचारियों का अंशदान जमा नहीं होगा, जिनकी केवाईसी नहीं हुई। ईपीएफओ ने सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के सेक्शन 142 में बदलाव करते हुए ईसीआर (इलेक्ट्रॉनिक चालान कम रिटर्न) दायर करने के प्रोटोकॉल में बदलाव किया है। जोकि जनवरी से लागू हो रहा है। इसके तहत पीएफ खाते में अंशदान जमा करने के लिए कर्मचारी का यूएएन और आधार लिंक होने के बाद सत्यापित होना जरूरी है।
करनाल स्थित ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय के अधीन आने वाले आठ जिलों से ऐसे कर्मचारियों की संख्या हजारों में है, जिनके पीएफ खाते से आधार ही नहीं, बल्कि बैंक खाते, मोबाइल नंबर और पैन नंबर भी लिंक नहीं हैं। नई व्यवस्था के अनुसार इस बार ईपीएफओ ने कंपनियों को सिर्फ उन्हीं कर्मियों का ईसीआर फाइल करने को कहा है, जिनकी यूएएन और आधार की लिंकिंग सत्यापित हो चुकी है। ऐसे में नियोक्ता की ओर से पीएफ खाते में जमा होने वाला अंशदान रोका जाएगा। इनमें वे कर्मचारी ज्यादा हैं, जिनकी नियुक्ति काफी पुरानी है। नई नियुक्ति में केवाईसी साथ-साथ अपडेट किया जा रहा है। क्षेत्रीय कार्यालय में करनाल के अलावा सोनीपत, पानीपत, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला और यमुनानगर जिले की आठ हजार कंपनियों के 3.59 लाख कर्मचारी पंजीकृत हैं।
पैसे निकलवाने, पेंशन और बीमा लेने में न हो दिक्कत
पीएफ खाते में जमा पैसा, रिटायरमेंट के बाद पेंशन और मृत्यु के बाद बीमा लेने में लोगों को दस्तावेजों में दर्ज जानकारी और पीएफ खाते में दर्ज जानकारी के मैच न करने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अक्सर कर्मचारियों के दस्तावेजों में दर्ज नाम, लिंग, पता, पिता का नाम, जन्मतिथि आदि उनके पीएफ खाते में दर्ज जानकारियों के साथ मिलान नहीं करती। ऐसे में उन्हें क्लेम नहीं मिल पाता और कर्मचारी या आश्रितों को चक्कर काटने पड़ते हैं। इस स्थिति के स्थायी समाधान के लिए केवाईसी को जरूरी किया गया है।
पीएफ खाते से इतने कर्मियों के ये दस्तावेज नहीं हैं लिंक
दस्तावेज कर्मचारी
आधार कार्ड 8830
बैंक खाते 1.10 लाख
मोबाइल नंबर 57554
पैन नंबर 187347
ऐसे जांचें यूएएन आधार से लिंक है या नहीं
ईपीएफओ के पोर्टल पर जाकर यूएएन और पासवर्ड डालकर लॉग इन करें। मैनेज टैब में केवाईसी विकल्प चुनें। स्क्रीन पर वेरिफाइड डॉक्यूमेंट्स टैब के तहत चेक करें। अगर आपका आधार नंबर दिख रहा है और स्वीकृत है तो यूएएन आधार से लिंक है। यदि नहीं दिख रहा तो यूएएन को आधार से लिंक करना होगा। यूएएन को आधार से लिंक करने के लिए ऑनलाइन सदस्य सेवा पोर्टल, उमंग एप, ई-केवाईसी पोर्टल पर ओटीपी सत्यापन का उपयोग करके कर सकते हैं।
केवाईसी न कराने से कर्मचारी के अलावा नियोक्ता को भी नुकसान है। कर्मचारी को अंशदान समय पर नहीं मिलेगा। वहीं नियोक्ता को समय पर अंशदान न जमा कराने पर कार्रवाई के रूप में जुर्माना भी लग सकता है। आधार के अलावा अन्य दस्तावेज लिंक होने भी जरूरी हैं। 50 हजार से ज्यादा राशि खाते से निकलवाने पर पैन नंबर की जरूरत पड़ती है।
- जतिंद्र कुमार संघाले, क्षेत्रीय आयुक्त-1, ईपीएफओ